टेनिस एल्बो (Tennis Elbow / Lateral Epicondylitis - कोहनी के बाहरी हिस्से का दर्द)
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टेनिस एल्बो (Tennis Elbow): कोहनी के बाहरी दर्द के कारण, लक्षण और इलाज

परिचय

क्या आपको कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द रहता है? क्या चाय का कप उठाते समय, दरवाज़े का हैंडल घुमाते समय या तौलिया निचोड़ते समय कोहनी में तेज़ चुभन महसूस होती है? अगर हाँ, तो हो सकता है कि आप टेनिस एल्बो से जूझ रहे हों। चिकित्सा की भाषा में इसे लेटरल एपिकॉन्डिलाइटिस (Lateral Epicondylitis) कहा जाता है।

नाम में “टेनिस” होने के बावजूद यह समस्या सिर्फ़ टेनिस खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। असल में, इसके अधिकांश मरीज़ ऐसे लोग होते हैं जो कभी रैकेट पकड़ते ही नहीं। कंप्यूटर पर काम करने वाले, गृहिणियाँ, पेंटर, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन और मैकेनिक जैसे लोग इससे बड़ी संख्या में प्रभावित होते हैं। यह लेख आपको इस स्थिति की पूरी जानकारी देगा, ताकि आप इसे समय पर पहचान सकें और सही तरीक़े से इसका इलाज कर सकें।

टेनिस एल्बो क्या है?

हमारी कोहनी की बाहरी हड्डी के उभार को लेटरल एपिकॉन्डाइल कहते हैं। कलाई और उँगलियों को पीछे की ओर मोड़ने वाली माँसपेशियों के टेंडन (कंडरा) इसी उभार से जुड़े होते हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित होने वाली माँसपेशी एक्सटेंसर कार्पी रेडियलिस ब्रेविस (ECRB) है।

जब कलाई और बाँह की इन माँसपेशियों का बार-बार या ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल होता है, तो टेंडन पर बार-बार तनाव पड़ता है। इससे उसमें बहुत छोटी-छोटी दरारें (micro-tears) बनने लगती हैं। शरीर इन्हें ठीक करने की कोशिश करता है, पर लगातार काम जारी रहने पर टेंडन पूरी तरह ठीक नहीं हो पाता और दर्द पुराना होने लगता है।

दिलचस्प बात यह है कि अब शोधकर्ता मानते हैं कि यह समस्या केवल “सूजन” की नहीं है। लंबे समय तक बनी रहने वाली अवस्था में टेंडन के ऊतकों में टूट-फूट और बदलाव (tendinopathy) होते हैं, इसीलिए इसे अब कई जगह “टेंडिनोपैथी” भी कहा जाता है।

टेनिस एल्बो के कारण

टेनिस एल्बो का मुख्य कारण कलाई और बाँह का बार-बार दोहराया जाने वाला काम है। प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

1. पेशेवर और रोज़मर्रा के कामों का दबाव
पेंटिंग करना, हथौड़ा चलाना, पेचकस घुमाना, कपड़े निचोड़ना, सब्ज़ी काटना, भारी बैग उठाना और लंबे समय तक माउस या कीबोर्ड का इस्तेमाल करना, ये सब कोहनी के टेंडन पर दबाव डालते हैं।

2. खेल-कूद
टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वैश और क्रिकेट जैसे खेलों में गलत तकनीक या भारी रैकेट के इस्तेमाल से यह समस्या हो सकती है। टेनिस में बैकहैंड शॉट के दौरान गलत तरीक़े से खेलना ख़ास तौर पर जोखिम भरा माना जाता है।

3. अचानक गतिविधि बढ़ाना
जो व्यक्ति लंबे समय तक आराम के बाद अचानक बहुत ज़्यादा शारीरिक काम या व्यायाम शुरू कर देता है, उसे इसका ख़तरा अधिक रहता है। जैसे घर की पुताई या बागवानी का काम एक साथ कई घंटों तक करना।

4. कमज़ोर माँसपेशियाँ और गलत मुद्रा
अगर कलाई, बाँह और कंधे की माँसपेशियाँ कमज़ोर हैं, तो छोटे काम का बोझ भी कोहनी के टेंडन पर पड़ता है।

5. उम्र
यह समस्या आमतौर पर 30 से 50 वर्ष की उम्र के बीच सबसे अधिक देखी जाती है, हालाँकि किसी भी उम्र में हो सकती है।

6. चोट
कोहनी पर सीधी चोट लगने या झटका लगने से भी टेंडन प्रभावित हो सकता है।

टेनिस एल्बो के लक्षण

इसके लक्षण आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होते हैं और समय के साथ बढ़ते जाते हैं। मुख्य लक्षण हैं:

  • कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द या जलन, जो कभी-कभी कलाई तक फैल जाता है
  • वस्तुओं को पकड़ने, उठाने या निचोड़ने पर दर्द का बढ़ जाना
  • हाथ मिलाते समय या दरवाज़े का हैंडल घुमाते समय तकलीफ़
  • पकड़ कमज़ोर होना, जिससे हाथ से चीज़ें छूटने लगती हैं
  • कोहनी के बाहरी उभार को दबाने पर दर्द (tenderness)
  • सुबह के समय या आराम के बाद कोहनी में अकड़न
  • कप, गिलास या पानी की बोतल उठाने में कठिनाई
  • कुछ मरीज़ों में रात को सोते समय भी दर्द महसूस होना

शुरुआत में दर्द हल्का होता है और केवल काम करते समय महसूस होता है। लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए, तो यह लगातार बना रहने वाला दर्द बन सकता है और रोज़मर्रा के सामान्य काम भी मुश्किल हो जाते हैं।

निदान (Diagnosis)

टेनिस एल्बो की पहचान ज़्यादातर शारीरिक जाँच और मरीज़ के इतिहास के आधार पर हो जाती है। डॉक्टर आमतौर पर यह करते हैं:

1. इतिहास और लक्षणों की जाँच: आपका पेशा, खेल की आदतें और दर्द कब शुरू हुआ, इसके बारे में पूछा जाता है।

2. शारीरिक परीक्षण: कोहनी के बाहरी हिस्से को दबाकर देखा जाता है। साथ ही कुछ ख़ास परीक्षण किए जाते हैं, जैसे कलाई को प्रतिरोध के विरुद्ध पीछे की ओर मोड़ने को कहा जाता है। अगर इससे कोहनी में दर्द होता है, तो यह टेनिस एल्बो का संकेत है।

3. इमेजिंग जाँच (ज़रूरत पड़ने पर):

  • एक्स-रे: हड्डी की किसी अन्य समस्या, जैसे गठिया या फ्रैक्चर, को ख़ारिज करने के लिए
  • अल्ट्रासाउंड या MRI: टेंडन की स्थिति और क्षति की सीमा देखने के लिए, ख़ासकर जब इलाज से आराम न मिल रहा हो

कभी-कभी गर्दन की नस दबने (cervical radiculopathy) या रेडियल टनल सिंड्रोम जैसी स्थितियाँ भी इसी तरह के लक्षण देती हैं, इसलिए सही निदान के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।

टेनिस एल्बो का इलाज

अच्छी ख़बर यह है कि 80 से 90 प्रतिशत मरीज़ बिना सर्जरी के ठीक हो जाते हैं। हालाँकि ठीक होने में कई सप्ताह से लेकर कुछ महीने लग सकते हैं, इसलिए धैर्य ज़रूरी है।

1. आराम और गतिविधि में बदलाव

सबसे पहला क़दम उन गतिविधियों को कम करना है जो दर्द को बढ़ाती हैं। इसका मतलब पूरी तरह से हाथ का इस्तेमाल बंद कर देना नहीं है, बल्कि दर्द पैदा करने वाले दोहराव वाले कामों से बचना और बीच-बीच में विश्राम देना है।

2. बर्फ़ की सिकाई

शुरुआती दिनों में या काम के बाद दर्द बढ़ने पर, कपड़े में लपेटी हुई बर्फ़ को 15 से 20 मिनट तक कोहनी पर रखें। बर्फ़ को सीधे त्वचा पर न लगाएँ।

3. दर्द निवारक दवाएँ

डॉक्टर की सलाह पर पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी दवाएँ राहत दे सकती हैं। इसके अलावा डाइक्लोफेनैक जैसी दर्द निवारक जेल या क्रीम भी लगाई जा सकती है। कोई भी दवा लंबे समय तक डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।

4. ब्रेस या सपोर्ट बैंड

काउंटरफ़ोर्स ब्रेस (Counterforce brace) या टेनिस एल्बो स्ट्रैप कोहनी के थोड़ा नीचे बाँह पर बाँधा जाता है। यह टेंडन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है और काम करते समय राहत देता है। इसे केवल गतिविधि के दौरान पहनना बेहतर है, हर समय नहीं।

5. फिज़ियोथेरेपी

यह इलाज का सबसे अहम हिस्सा है। फिज़ियोथेरेपिस्ट आपको स्ट्रेचिंग और मज़बूती देने वाले व्यायाम सिखाते हैं। साथ ही अल्ट्रासाउंड थेरेपी, मसाज और अन्य तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है। शोध बताते हैं कि धीरे-धीरे बढ़ने वाले मज़बूती के व्यायाम (eccentric exercises) टेंडन की मरम्मत में बहुत कारगर हैं।

6. घर पर किए जा सकने वाले व्यायाम

(किसी भी व्यायाम को दर्द सहकर न करें; हल्की खिंचाव की अनुभूति ठीक है, तेज़ दर्द नहीं।)

कलाई का स्ट्रेच: बाँह को सामने सीधा करें और हथेली को नीचे की ओर रखें। दूसरे हाथ से धीरे-धीरे कलाई को नीचे की ओर मोड़ें। 15 से 30 सेकंड रुकें और 3 बार दोहराएँ।

रिस्ट एक्सटेंशन (हल्के वज़न के साथ): कोहनी को मेज़ पर टिकाएँ, हथेली नीचे रखें और हाथ में हल्का वज़न (जैसे छोटी पानी की बोतल) लें। कलाई को धीरे-धीरे ऊपर उठाएँ और फिर और भी धीमे-धीमे नीचे लाएँ। 10 से 15 बार, 2 से 3 सेट।

तौलिया निचोड़ना: एक छोटा तौलिया लेकर उसे धीरे-धीरे निचोड़ें और छोड़ें। इससे पकड़ की ताक़त बढ़ती है।

7. इंजेक्शन और अन्य उपचार

अगर कुछ महीनों के बाद भी आराम न मिले, तो डॉक्टर निम्न विकल्प सुझा सकते हैं:

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन: अल्पकालिक राहत देता है, पर कई अध्ययनों में लंबी अवधि में इसके परिणाम बहुत अच्छे नहीं पाए गए हैं। बार-बार लगवाना टेंडन को कमज़ोर कर सकता है।
  • प्लेटलेट-रिच प्लाज़्मा (PRP) इंजेक्शन: इसमें मरीज़ के अपने ख़ून से प्राप्त प्लेटलेट्स को प्रभावित जगह पर लगाया जाता है, ताकि उपचार प्रक्रिया तेज़ हो।
  • शॉकवेव थेरेपी: ध्वनि तरंगों के ज़रिए टेंडन में रक्त संचार और उपचार को बढ़ावा दिया जाता है।

8. सर्जरी

बहुत कम मामलों में, जब 6 से 12 महीने तक सही इलाज के बावजूद दर्द बना रहे और रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो, तब सर्जरी पर विचार किया जाता है। इसमें टेंडन के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाया या मरम्मत किया जाता है। यह आमतौर पर अंतिम विकल्प होता है।

रोकथाम के उपाय

कहा गया है कि इलाज से बेहतर रोकथाम है। इन उपायों से टेनिस एल्बो का ख़तरा कम किया जा सकता है:

  • सही तकनीक अपनाएँ: खेलते समय या औज़ारों का इस्तेमाल करते समय सही मुद्रा रखें। ज़रूरत हो तो प्रशिक्षक से सीखें।
  • सही उपकरण चुनें: रैकेट का ग्रिप साइज़ और वज़न आपके हाथ के अनुरूप होना चाहिए।
  • वार्म-अप करें: किसी भी खेल या भारी काम से पहले हाथ और कलाई की हल्की स्ट्रेचिंग करें।
  • माँसपेशियों को मज़बूत करें: कलाई, बाँह और कंधे की नियमित कसरत करें।
  • ऑफ़िस एर्गोनॉमिक्स: कंप्यूटर पर काम करते समय कलाई सीधी रखें, माउस और कीबोर्ड सही ऊँचाई पर हों और हर 30 से 40 मिनट में छोटा ब्रेक लें।
  • धीरे-धीरे गतिविधि बढ़ाएँ: अचानक बहुत ज़्यादा काम न करें।
  • भारी वस्तुएँ उठाते समय: हथेली ऊपर की ओर रखकर उठाने से टेंडन पर कम दबाव पड़ता है।

डॉक्टर से कब मिलें?

निम्न स्थितियों में चिकित्सक से संपर्क ज़रूर करें:

  • घरेलू उपायों से 1 से 2 सप्ताह में आराम न मिले
  • दर्द इतना तेज़ हो कि रात को नींद टूट जाए
  • कोहनी को सीधा या मोड़ना मुश्किल हो
  • हाथ या उँगलियों में सुन्नपन या झुनझुनी हो
  • कोहनी में सूजन, लालिमा या बुखार हो
  • हाथ की पकड़ लगातार कमज़ोर होती जा रही हो

ठीक होने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर हल्के मामलों में 6 से 8 सप्ताह में काफ़ी सुधार हो जाता है, जबकि पुराने मामलों में 6 महीने से एक साल तक लग सकता है। ठीक होने की रफ़्तार इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितनी जल्दी इलाज शुरू करते हैं और डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट की सलाह का कितना पालन करते हैं। एक आम ग़लती यह है कि दर्द कम होते ही लोग पुरानी गतिविधियाँ अचानक शुरू कर देते हैं, जिससे समस्या दोबारा लौट आती है। इसलिए वापसी धीरे-धीरे करें।

निष्कर्ष

टेनिस एल्बो एक आम लेकिन तकलीफ़देह समस्या है, जो टेंडन पर बार-बार पड़ने वाले दबाव से होती है। अच्छी बात यह है कि सही समय पर पहचान, पर्याप्त आराम, फिज़ियोथेरेपी और व्यायाम से अधिकांश लोग पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। सर्जरी की ज़रूरत बहुत कम पड़ती है।

अगर आपको कोहनी के बाहरी हिस्से में दर्द है, तो उसे हल्के में न लें। अपनी दिनचर्या और काम करने के तरीक़ों में ज़रूरी बदलाव करें, कोहनी को आराम दें और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें। याद रखें, थोड़ी-सी सावधानी और धैर्य आपको दर्द से मुक्त और सक्रिय जीवन की ओर ले जा सकता है।


अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी योग्य चिकित्सक की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी उपचार या व्यायाम को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिज़ियोथेरेपिस्ट से परामर्श अवश्य करें।

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