गैलेक्टोरिया (Galactorrhea - स्तनपान न कराने पर भी दूध का स्राव)
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गैलेक्टोरिया (Galactorrhea): जब बिना स्तनपान कराए भी होता है दूध का स्राव

परिचय

गैलेक्टोरिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें स्तनों से दूध जैसा स्राव होता है, जबकि महिला न तो गर्भवती होती है और न ही अपने बच्चे को स्तनपान करा रही होती है। यह स्थिति महिलाओं में अधिक देखी जाती है, लेकिन यह पुरुषों और यहाँ तक कि नवजात शिशुओं में भी हो सकती है। यह अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि शरीर में किसी अंतर्निहित समस्या का संकेत होता है। ज्यादातर मामलों में यह हानिरहित होता है, लेकिन कभी-कभी यह किसी गंभीर हार्मोनल असंतुलन या ट्यूमर का लक्षण भी हो सकता है, इसलिए इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

गैलेक्टोरिया क्या है?

सामान्य स्थिति में, स्तनों से दूध का स्राव केवल गर्भावस्था के अंतिम चरण में या प्रसव के बाद स्तनपान के दौरान होता है। यह प्रक्रिया शरीर में “प्रोलैक्टिन” (Prolactin) नामक हार्मोन के कारण होती है, जो मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि (Pituitary Gland) से स्रावित होता है। जब यह हार्मोन असामान्य रूप से अधिक मात्रा में बनने लगता है या शरीर की संवेदनशीलता इसके प्रति बढ़ जाती है, तो बिना गर्भावस्था या स्तनपान के भी दूध जैसा स्राव होने लगता है — इसी स्थिति को गैलेक्टोरिया कहा जाता है।

यह स्राव एक या दोनों स्तनों से हो सकता है, और यह अपने आप रिस सकता है या दबाव डालने पर निकल सकता है। इसका रंग सफेद, हल्का पीला या हरे रंग का भी हो सकता है, लेकिन यदि इसमें खून आए तो यह अधिक गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

गैलेक्टोरिया के मुख्य कारण

गैलेक्टोरिया के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इन्हें समझना निदान और उपचार के लिए बेहद ज़रूरी है।

1. प्रोलैक्टिनोमा (Prolactinoma)

यह पिट्यूटरी ग्रंथि में बनने वाला एक छोटा, अधिकतर सौम्य (non-cancerous) ट्यूमर है, जो अत्यधिक मात्रा में प्रोलैक्टिन हार्मोन बनाता है। यह गैलेक्टोरिया का एक प्रमुख कारण माना जाता है।

2. दवाइयों का प्रभाव

कुछ दवाइयाँ शरीर में प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ा सकती हैं, जैसे:

  • एंटीडिप्रेसेंट और एंटीसाइकोटिक दवाइयाँ
  • रक्तचाप (Blood Pressure) नियंत्रित करने वाली कुछ दवाइयाँ
  • गर्भनिरोधक गोलियाँ (Birth Control Pills)
  • कुछ एंटी-एलर्जी और पाचन संबंधी दवाइयाँ

3. हार्मोनल असंतुलन

थायरॉइड ग्रंथि का असंतुलन, विशेषकर हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism), प्रोलैक्टिन के स्तर को प्रभावित कर सकता है और गैलेक्टोरिया का कारण बन सकता है।

4. स्तनों की अत्यधिक उत्तेजना

बार-बार स्तनों को छूना, कसे हुए कपड़े पहनना, या यौन गतिविधि के दौरान अत्यधिक उत्तेजना भी प्रोलैक्टिन स्राव को बढ़ा सकती है।

5. तनाव

अत्यधिक शारीरिक या मानसिक तनाव भी हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकता है, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

6. गुर्दे (Kidney) या यकृत (Liver) संबंधी बीमारियाँ

क्रोनिक किडनी रोग शरीर से प्रोलैक्टिन को सही तरीके से बाहर निकालने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिससे इसका स्तर बढ़ जाता है।

7. मादक पदार्थों का सेवन

कुछ नशीले पदार्थों जैसे मारिजुआना (Marijuana) का सेवन भी इस स्थिति से जुड़ा हुआ पाया गया है।

8. रीढ़ की हड्डी या छाती की चोट

छाती की दीवार पर चोट लगना, सर्जरी होना, या हर्पीज़ ज़ोस्टर (Herpes Zoster) जैसी तंत्रिका संबंधी समस्याएँ भी इस स्राव को ट्रिगर कर सकती हैं।

गैलेक्टोरिया के लक्षण

गैलेक्टोरिया के साथ अक्सर निम्नलिखित लक्षण भी देखे जा सकते हैं:

  • एक या दोनों स्तनों से दूध जैसा स्राव, जो अपने आप हो सकता है या दबाने पर निकलता है
  • अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म का पूरी तरह रुक जाना (Amenorrhea)
  • सिरदर्द और दृष्टि संबंधी समस्याएँ (यदि पिट्यूटरी ट्यूमर का आकार बड़ा हो)
  • यौन इच्छा में कमी
  • मुँहासे और चेहरे पर अत्यधिक बाल आना (महिलाओं में)
  • पुरुषों में स्तनों का बढ़ना (Gynecomastia) और यौन क्षमता में कमी

निदान (Diagnosis)

यदि किसी महिला या पुरुष को यह लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर आमतौर पर निम्नलिखित जांचें करने की सलाह देते हैं:

  1. शारीरिक परीक्षण: डॉक्टर स्तनों की जांच कर स्राव की प्रकृति और मात्रा का आकलन करते हैं।
  2. रक्त परीक्षण: प्रोलैक्टिन, थायरॉइड हार्मोन (TSH) और गर्भावस्था परीक्षण करवाया जाता है।
  3. इमेजिंग टेस्ट: यदि प्रोलैक्टिन का स्तर अधिक पाया जाए, तो मस्तिष्क का MRI स्कैन करवाया जा सकता है ताकि पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर की जांच हो सके।
  4. मैमोग्राम: स्तन में किसी गांठ या असामान्यता को जांचने के लिए मैमोग्राम भी किया जा सकता है।

उपचार (Treatment)

गैलेक्टोरिया का उपचार पूरी तरह से इसके मूल कारण पर निर्भर करता है:

दवा से जुड़ा कारण होने पर

यदि यह किसी दवा के दुष्प्रभाव के कारण हो रहा है, तो डॉक्टर उस दवा को बदलने या खुराक समायोजित करने की सलाह दे सकते हैं। इसे बिना डॉक्टर की सलाह के स्वयं बंद नहीं करना चाहिए।

प्रोलैक्टिनोमा के लिए

इसके इलाज के लिए दवाइयाँ (जैसे डोपामाइन एगोनिस्ट) दी जाती हैं, जो प्रोलैक्टिन का स्तर कम करने और ट्यूमर का आकार घटाने में मदद करती हैं। बहुत कम मामलों में सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है।

थायरॉइड असंतुलन के लिए

हाइपोथायरॉइडिज्म होने पर थायरॉइड हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जाती है, जिससे प्रोलैक्टिन का स्तर सामान्य हो जाता है।

जीवनशैली में बदलाव

  • स्तनों को बार-बार छूने या उत्तेजित करने से बचें
  • ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें
  • तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान अपनाएँ

कब डॉक्टर से मिलें?

यदि निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए:

  • स्राव में खून आना
  • स्राव केवल एक स्तन से हो रहा हो
  • मासिक धर्म में अनियमितता
  • स्तन में गांठ महसूस होना
  • लगातार सिरदर्द या दृष्टि में धुंधलापन

निष्कर्ष

गैलेक्टोरिया एक ऐसी स्थिति है जिसे अक्सर महिलाएँ शर्म या झिझक के कारण नज़रअंदाज़ कर देती हैं, लेकिन यह शरीर के अंदर चल रही किसी हार्मोनल गड़बड़ी का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। सही समय पर निदान और उपचार से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। अधिकतर मामलों में यह गंभीर नहीं होता, लेकिन इसकी अनदेखी करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना ही समझदारी है।

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