टेंडिनाइटिस (Tendinitis)
| | | |

टेंडिनाइटिस (Tendinitis): कारण, लक्षण और उपचार

परिचय

टेंडिनाइटिस एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है जो शरीर के टेंडन यानी कंडराओं की सूजन के कारण होती है। टेंडन वे मजबूत, रेशेदार ऊतक (tissue) होते हैं जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ने का काम करते हैं। जब किसी टेंडन पर बार-बार दबाव पड़ता है या उसमें चोट लग जाती है, तो उसमें सूजन आ जाती है, जिसे चिकित्सा भाषा में टेंडिनाइटिस कहा जाता है। यह समस्या शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है, लेकिन कंधे, कोहनी, कलाई, घुटने और एड़ी के टेंडन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। यह समस्या आमतौर पर उन लोगों में अधिक देखी जाती है जो खेल-कूद में सक्रिय रहते हैं या जिनके काम में एक ही तरह की गतिविधि बार-बार दोहरानी पड़ती है।

टेंडिनाइटिस के कारण

टेंडिनाइटिस होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें सबसे आम कारण निम्नलिखित हैं:

1. बार-बार एक जैसी गतिविधि करना (Repetitive Motion) जो लोग अपने काम या खेल में लगातार एक ही तरह की हरकत दोहराते हैं, जैसे टाइपिंग करना, टेनिस खेलना, पेंटिंग करना या भारी सामान उठाना, उनमें टेंडन पर बार-बार दबाव पड़ने से सूजन होने की संभावना बढ़ जाती है।

2. अचानक चोट लगना किसी दुर्घटना या गिरने से टेंडन में अचानक खिंचाव आ सकता है, जिससे वह सूज सकता है या क्षतिग्रस्त हो सकता है।

3. उम्र बढ़ना जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, टेंडन की लचीलापन कम होती जाती है और उनमें रक्त संचार भी घट जाता है, जिससे वे अधिक कमजोर और चोट के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं। इसलिए 40 वर्ष की आयु के बाद टेंडिनाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।

4. गलत मुद्रा या तकनीक व्यायाम करते समय या खेल खेलते समय अगर सही तकनीक का पालन न किया जाए, तो टेंडन पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

5. कुछ बीमारियाँ मधुमेह, रुमेटाइड आर्थराइटिस, गाउट और थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं भी टेंडिनाइटिस के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

6. कमजोर मांसपेशियां अगर आसपास की मांसपेशियां कमजोर हों, तो टेंडन पर ज्यादा भार पड़ता है, जिससे सूजन की संभावना बढ़ जाती है।

टेंडिनाइटिस के लक्षण

टेंडिनाइटिस के लक्षण प्रभावित हिस्से के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इसमें निम्नलिखित लक्षण देखे जाते हैं:

  • प्रभावित जोड़ या मांसपेशी के पास दर्द होना, जो हिलने-डुलने पर बढ़ जाता है
  • सूजन और हल्की गर्माहट महसूस होना
  • जोड़ को हिलाने में अकड़न या कठिनाई होना
  • छूने पर दर्द या संवेदनशीलता महसूस होना
  • कभी-कभी हल्की लालिमा भी दिखाई दे सकती है
  • सुबह उठने पर या लंबे समय तक आराम करने के बाद अकड़न ज्यादा महसूस होना

यह दर्द शुरुआत में हल्का हो सकता है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह धीरे-धीरे बढ़कर रोजमर्रा के कामों में भी बाधा डालने लगता है।

टेंडिनाइटिस के सामान्य प्रकार

शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले टेंडिनाइटिस को अलग-अलग नामों से जाना जाता है:

  • टेनिस एल्बो (Tennis Elbow) – कोहनी के बाहरी हिस्से में होने वाला टेंडिनाइटिस
  • गोल्फर्स एल्बो (Golfer’s Elbow) – कोहनी के भीतरी हिस्से में होने वाली सूजन
  • रोटेटर कफ टेंडिनाइटिस – कंधे के जोड़ में होने वाली समस्या
  • एकिलीज़ टेंडिनाइटिस (Achilles Tendinitis) – एड़ी के पिछले हिस्से में होने वाली सूजन
  • जम्पर्स नी (Jumper’s Knee) – घुटने के टेंडन में होने वाली सूजन, जो अक्सर खिलाड़ियों में देखी जाती है
  • डी क्वेरवेन टेनोसाइनोवाइटिस – कलाई और अंगूठे के पास होने वाली सूजन

निदान (Diagnosis)

टेंडिनाइटिस का निदान करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास जानते हैं और शारीरिक जांच करते हैं। इस दौरान वे प्रभावित हिस्से में दर्द, सूजन और गति की सीमा की जांच करते हैं। कई बार डॉक्टर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई (MRI) जैसी जांच की सलाह भी दे सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समस्या टेंडन की सूजन के कारण है, न कि किसी हड्डी की चोट या अन्य कारण से।

उपचार के तरीके

टेंडिनाइटिस का उपचार आमतौर पर समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है। ज्यादातर मामलों में यह घरेलू देखभाल और आराम से ठीक हो जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ सकती है।

1. आराम (Rest) सबसे पहला और जरूरी कदम है प्रभावित हिस्से को आराम देना। जिस गतिविधि से दर्द बढ़ता है, उसे कुछ समय के लिए रोक देना चाहिए।

2. बर्फ की सिकाई (Ice Therapy) शुरुआती दिनों में प्रभावित हिस्से पर दिन में कई बार 15-20 मिनट के लिए बर्फ की सिकाई करने से सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है।

3. दर्द निवारक दवाएं डॉक्टर की सलाह पर सूजन कम करने वाली दवाएं (जैसे इबुप्रोफेन) ली जा सकती हैं, जो दर्द और सूजन को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं।

4. फिजियोथेरेपी फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा बताए गए विशेष स्ट्रेचिंग और मजबूती बढ़ाने वाले व्यायाम टेंडन को धीरे-धीरे ठीक होने और भविष्य में चोट से बचाने में मदद करते हैं।

5. सपोर्ट या ब्रेस का उपयोग कई बार प्रभावित हिस्से को सहारा देने के लिए पट्टी, ब्रेस या स्प्लिंट का उपयोग किया जाता है, ताकि टेंडन पर दबाव कम हो सके।

6. स्टेरॉयड इंजेक्शन अगर दर्द बहुत अधिक हो और अन्य उपायों से आराम न मिले, तो डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉयड इंजेक्शन देने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि इसका उपयोग सीमित मात्रा में किया जाता है, क्योंकि बार-बार इस्तेमाल से टेंडन कमजोर हो सकता है।

7. सर्जरी बहुत कम मामलों में, जब टेंडन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है या अन्य उपचार असफल हो जाते हैं, तब सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

बचाव के उपाय

टेंडिनाइटिस से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना बहुत फायदेमंद हो सकता है:

  • किसी भी शारीरिक गतिविधि या व्यायाम से पहले वार्मअप जरूर करें
  • धीरे-धीरे व्यायाम की तीव्रता बढ़ाएं, अचानक ज्यादा भार न डालें
  • सही तकनीक और मुद्रा का पालन करें, विशेषकर खेल या भारी काम के दौरान
  • मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले नियमित व्यायाम करें
  • लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करने से बचें और बीच-बीच में विश्राम लें
  • काम के दौरान एर्गोनॉमिक (सही ढंग से डिज़ाइन किए गए) उपकरणों का उपयोग करें
  • शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें; अगर दर्द महसूस हो तो तुरंत आराम करें

कब डॉक्टर से मिलें

अगर घरेलू उपायों के बावजूद दर्द कई दिनों तक बना रहे, सूजन बढ़ती जाए, प्रभावित हिस्से को हिलाने में बहुत कठिनाई हो, या हल्का बुखार भी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर सही इलाज न मिलने से यह समस्या पुरानी (क्रॉनिक) बन सकती है और टेंडन में स्थायी क्षति भी हो सकती है।

निष्कर्ष

टेंडिनाइटिस एक आम लेकिन असहज करने वाली समस्या है, जो सही देखभाल और समय पर इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकती है। इसके लक्षणों को समय रहते पहचानना और आराम, बर्फ की सिकाई तथा उचित व्यायाम जैसे उपायों को अपनाना बेहद जरूरी है। साथ ही, सही मुद्रा और सावधानी बरतकर इस समस्या से बचा भी जा सकता है। अगर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है, ताकि समस्या गंभीर रूप न ले सके।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *