होर्डिंग डिसऑर्डर: जब चीज़ें छोड़ना नामुमकिन हो जाए
परिचय हमारे आसपास कई लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पुराने अख़बार, टूटे खिलौने, ख़ाली डिब्बे या पुराने कपड़े फेंकना मुश्किल लगता है। भारतीय घरों में “काम आ जाएगा” कहकर चीज़ें रख लेना आम बात है। लेकिन जब यह आदत इतनी बढ़ जाए कि घर में चलने-फिरने की जगह न बचे, रसोई, बिस्तर और सीढ़ियाँ भी…
