दौड़ते या खेलते समय अचानक सांस फूलने (Stitch) का कारण और तुरंत उपाय
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दौड़ते या खेलते समय अचानक सांस फूलने (Stitch) का कारण और तुरंत उपाय

दौड़ते, फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल या किसी भी तेज़ शारीरिक गतिविधि के दौरान कई लोगों को अचानक पसलियों के नीचे एक तरफ तेज़ चुभने जैसा दर्द महसूस होता है। कई बार इसके साथ सांस लेने में कठिनाई भी होने लगती है। इस स्थिति को आम भाषा में स्टिच (Stitch) कहा जाता है, जबकि चिकित्सा भाषा में इसे Exercise-Related Transient Abdominal Pain (ETAP) कहा जाता है।

यह समस्या नए खिलाड़ियों से लेकर अनुभवी एथलीट्स तक किसी को भी हो सकती है। अधिकांश मामलों में यह गंभीर बीमारी नहीं होती, लेकिन यदि बार-बार हो या दर्द बहुत अधिक हो, तो इसकी जांच आवश्यक हो सकती है। अच्छी बात यह है कि सही तैयारी, उचित सांस लेने की तकनीक और कुछ सरल उपायों से स्टिच की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

इस लेख में जानेंगे कि स्टिच क्यों होता है, इसके जोखिम कारक क्या हैं, तुरंत राहत पाने के उपाय और भविष्य में इससे कैसे बचा जाए।


Table of Contents

स्टिच (Stitch) क्या होता है?

स्टिच व्यायाम के दौरान या तुरंत बाद पेट के ऊपरी हिस्से, विशेष रूप से दाईं या बाईं पसली के नीचे होने वाला अचानक चुभने वाला दर्द है। दर्द हल्का भी हो सकता है और इतना तेज़ भी कि व्यक्ति को दौड़ना या खेलना रोकना पड़े।

यह दर्द अक्सर निम्न गतिविधियों के दौरान अधिक देखा जाता है—

  • दौड़ना (Running)
  • स्प्रिंटिंग
  • फुटबॉल
  • बास्केटबॉल
  • टेनिस
  • तैराकी
  • घुड़सवारी

स्टिच होने का मुख्य कारण क्या है?

हालांकि इसका एक निश्चित कारण अभी तक पूरी तरह सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके कई संभावित कारण बताए हैं।

1. डायफ्राम पर अधिक दबाव

डायफ्राम वह मुख्य मांसपेशी है जो सांस लेने में सहायता करती है। तेज़ दौड़ने या खेलने के दौरान इसकी कार्यक्षमता अचानक बढ़ जाती है। यदि डायफ्राम पर अधिक तनाव पड़ता है तो स्टिच होने की संभावना बढ़ जाती है।


2. भोजन करने के तुरंत बाद व्यायाम

यदि आपने भारी भोजन या अधिक मात्रा में पानी पीने के तुरंत बाद दौड़ना शुरू कर दिया, तो पेट भरा होने के कारण डायफ्राम और पेट के बीच तनाव बढ़ सकता है।

यही कारण है कि भोजन के तुरंत बाद दौड़ना उचित नहीं माना जाता।


3. गलत सांस लेने की तकनीक

उथली (Shallow) सांस लेने से डायफ्राम को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। इससे मांसपेशियों में थकान और ऐंठन जैसी स्थिति बन सकती है।


4. शरीर की कमजोर कोर मांसपेशियां

यदि पेट, कमर और पीठ की मांसपेशियां कमजोर हैं तो दौड़ते समय शरीर को स्थिर रखने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे स्टिच होने की संभावना बढ़ सकती है।


5. खराब रनिंग तकनीक

बहुत ज्यादा उछलकर दौड़ना, गलत बॉडी पोस्चर या अत्यधिक झटके वाली रनिंग भी इस समस्या का कारण बन सकती है।


6. पर्याप्त वार्म-अप न करना

बिना वार्म-अप के अचानक तेज़ दौड़ शुरू करने से मांसपेशियां और श्वसन तंत्र तैयार नहीं होते, जिससे स्टिच हो सकता है।


किन लोगों में यह अधिक होता है?

निम्न लोगों में स्टिच की संभावना अधिक होती है—

  • नए धावक
  • स्कूल और कॉलेज के खिलाड़ी
  • लंबी दूरी के रनर
  • हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) करने वाले
  • भारी भोजन के तुरंत बाद व्यायाम करने वाले
  • कमजोर कोर मसल्स वाले व्यक्ति

स्टिच के सामान्य लक्षण

स्टिच के दौरान निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं—

  • पसलियों के नीचे तेज़ चुभने वाला दर्द
  • एक तरफ अधिक दर्द होना
  • गहरी सांस लेने में कठिनाई
  • दौड़ने की गति कम हो जाना
  • शरीर सीधा रखने में परेशानी
  • कभी-कभी कंधे तक दर्द महसूस होना

दौड़ते समय अचानक स्टिच हो जाए तो क्या करें?

यदि खेलते या दौड़ते समय स्टिच हो जाए, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है।

1. गति तुरंत कम करें

तेज़ दौड़ने के बजाय धीरे-धीरे चलना शुरू करें। इससे डायफ्राम पर पड़ने वाला दबाव कम होता है।


2. गहरी सांस लें

नाक से धीरे-धीरे गहरी सांस लें और मुंह से लंबी सांस छोड़ें।

5–10 बार नियंत्रित श्वास लेने से दर्द में राहत मिल सकती है।


3. दर्द वाली जगह पर हल्का दबाव दें

जहां दर्द हो, वहां हाथ से हल्का दबाव देते हुए आगे की ओर थोड़ा झुकें।

इससे डायफ्राम का तनाव कम हो सकता है।


4. हल्की स्ट्रेचिंग करें

यदि संभव हो तो—

  • दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाएं।
  • शरीर को दर्द वाली दिशा के विपरीत झुकाएं।
  • 20–30 सेकंड तक स्थिति बनाए रखें।

5. सांस छोड़ते समय कदम मिलाएं

दौड़ते समय जब दर्द वाली तरफ वाला पैर जमीन पर पड़े, तब सांस छोड़ने का प्रयास करें। इससे डायफ्राम पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है।


क्या तुरंत पानी पीना चाहिए?

यदि शरीर में पानी की कमी है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं।

लेकिन—

  • एक साथ बहुत अधिक पानी न पिएं।
  • ठंडा पानी तेजी से न गटकें।
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक भी सीमित मात्रा में लें।

स्टिच से बचाव कैसे करें?

1. भोजन और व्यायाम के बीच अंतर रखें

भारी भोजन करने के बाद कम से कम 2–3 घंटे का अंतर रखें।

हल्का स्नैक लेने के बाद लगभग 30–60 मिनट का अंतर पर्याप्त हो सकता है।


2. पर्याप्त वार्म-अप करें

व्यायाम शुरू करने से पहले—

  • 5–10 मिनट वॉक
  • हल्की जॉगिंग
  • डायनेमिक स्ट्रेचिंग
  • सांस संबंधी अभ्यास

जरूर करें।


3. सही ब्रीदिंग तकनीक अपनाएं

  • पेट से गहरी सांस लें।
  • लयबद्ध सांस बनाए रखें।
  • बहुत देर तक सांस न रोकें।

4. कोर मसल्स मजबूत करें

नियमित रूप से—

  • प्लैंक
  • साइड प्लैंक
  • बर्ड-डॉग
  • डेड बग
  • ब्रिज

जैसे व्यायाम करें।

मजबूत कोर शरीर को स्थिर रखता है और स्टिच की संभावना कम कर सकता है।


5. सही पोस्चर रखें

दौड़ते समय—

  • पीठ सीधी रखें।
  • कंधे रिलैक्स रखें।
  • गर्दन को तनावमुक्त रखें।
  • आगे अधिक न झुकें।

6. धीरे-धीरे प्रशिक्षण बढ़ाएं

अचानक दूरी या गति बढ़ाने की बजाय हर सप्ताह धीरे-धीरे प्रशिक्षण बढ़ाएं।


फिजियोथेरेपी की क्या भूमिका है?

यदि स्टिच बार-बार होता है तो फिजियोथेरेपिस्ट निम्न चीजों का मूल्यांकन कर सकते हैं—

  • ब्रीदिंग पैटर्न
  • डायफ्राम की कार्यक्षमता
  • कोर मसल्स की ताकत
  • रनिंग बायोमैकेनिक्स
  • शरीर का पोस्चर
  • मांसपेशियों का संतुलन

इसके आधार पर व्यक्तिगत व्यायाम कार्यक्रम तैयार किया जाता है।


कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि निम्न स्थितियां हों तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें—

  • आराम करने पर भी दर्द बना रहे।
  • दर्द बार-बार होने लगे।
  • सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो।
  • सीने में दर्द हो।
  • बेहोशी या चक्कर आए।
  • बुखार, उल्टी या पेट में लगातार दर्द हो।
  • दर्द व्यायाम से संबंधित न हो।

ऐसी स्थिति में हृदय, फेफड़ों या पेट की अन्य गंभीर समस्याओं की जांच आवश्यक हो सकती है।


स्टिच से जुड़े आम मिथक

मिथक 1: स्टिच केवल नए खिलाड़ियों को होता है।

सच्चाई: यह अनुभवी एथलीट्स को भी हो सकता है।

मिथक 2: दर्द होने पर तुरंत दौड़ बंद कर देनी चाहिए।

सच्चाई: अधिकतर मामलों में गति कम करना, गहरी सांस लेना और स्ट्रेचिंग करना पर्याप्त होता है।

मिथक 3: केवल पानी पीने से स्टिच होता है।

सच्चाई: पानी की मात्रा, भोजन का समय, सांस लेने की तकनीक और प्रशिक्षण स्तर—सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मिथक 4: स्टिच हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत है।

सच्चाई: अधिकांश मामलों में यह अस्थायी और सामान्य समस्या होती है, लेकिन बार-बार होने पर जांच जरूरी है।


निष्कर्ष

दौड़ते या खेलते समय होने वाला स्टिच (Exercise-Related Transient Abdominal Pain) एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक समस्या है। इसका सबसे बड़ा कारण डायफ्राम पर बढ़ा हुआ तनाव, गलत ब्रीदिंग, भारी भोजन के तुरंत बाद व्यायाम, कमजोर कोर मांसपेशियां और पर्याप्त वार्म-अप का अभाव माना जाता है।

यदि स्टिच हो जाए तो घबराने की बजाय अपनी गति कम करें, गहरी और नियंत्रित सांस लें, दर्द वाली जगह पर हल्का दबाव दें तथा हल्की स्ट्रेचिंग करें। भविष्य में इससे बचने के लिए सही रनिंग तकनीक, नियमित कोर स्ट्रेंथनिंग, पर्याप्त वार्म-अप और भोजन व व्यायाम के बीच उचित अंतर बनाए रखें।

यदि दर्द लगातार बना रहे, बार-बार हो या इसके साथ सीने में दर्द, अत्यधिक सांस फूलना या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं उपचार करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह अवश्य लें। सही जानकारी, उचित तैयारी और नियमित अभ्यास के साथ आप स्टिच की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं और अपने खेल या फिटनेस का आनंद बिना रुकावट जारी रख सकते हैं।

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