स्केबीज (Scabies / खाज-खुजली)
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स्केबीज (खाज-खुजली): कारण, लक्षण, उपचार और बचाव

परिचय

स्केबीज, जिसे आम बोलचाल की भाषा में “खाज” या “खुजली” कहा जाता है, त्वचा से जुड़ी एक बेहद संक्रामक (कॉन्टेजियस) बीमारी है। यह एक सूक्ष्म परजीवी घुन (माइट) के कारण होती है, जो त्वचा की ऊपरी परत में घुसकर अंडे देता है। यह बीमारी उम्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना किसी को भी हो सकती है, हालांकि भीड़भाड़ वाले इलाकों, अस्वच्छ परिस्थितियों और सामूहिक रूप से रहने वाले स्थानों (जैसे हॉस्टल, जेल, शरणार्थी शिविर) में इसका प्रकोप अधिक देखा जाता है। भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में गर्मी और उमस के मौसम में स्केबीज के मामले बढ़ जाते हैं। यह बीमारी जानलेवा नहीं है, लेकिन यदि समय पर उपचार न किया जाए तो यह असहनीय खुजली, नींद में खलल, और द्वितीयक जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकती है।

स्केबीज क्या है?

स्केबीज एक त्वचा रोग है जो सार्कोप्टीस स्कैबिआई (Sarcoptes scabiei) नामक एक अत्यंत सूक्ष्म घुन के कारण होता है। यह घुन इतना छोटा होता है कि इसे नंगी आंखों से देखना लगभग असंभव है — इसे केवल माइक्रोस्कोप की मदद से ही देखा जा सकता है। मादा घुन त्वचा की सबसे ऊपरी परत (एपिडर्मिस) में सुरंग जैसी बनावट बनाकर घुस जाती है और वहीं अंडे देती है। ये अंडे कुछ दिनों में फूटकर नए घुन पैदा करते हैं, और यह चक्र बार-बार चलता रहता है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इन घुनों, उनके अंडों और मल के प्रति प्रतिक्रिया करती है, जिसके परिणामस्वरूप तीव्र खुजली और लाल चकत्ते उत्पन्न होते हैं।

स्केबीज कैसे फैलता है?

स्केबीज मुख्य रूप से निम्नलिखित तरीकों से फैलता है:

  1. सीधा त्वचा-से-त्वचा संपर्क: यह सबसे आम माध्यम है। संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक हाथ पकड़ना, गले लगना, या शारीरिक संबंध बनाने से यह आसानी से फैल सकता है।
  2. साझा वस्तुओं का उपयोग: संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिये, बिस्तर की चादर, या कंबल का उपयोग करने से भी यह फैल सकता है, क्योंकि घुन कुछ समय तक शरीर के बाहर भी जीवित रह सकते हैं।
  3. भीड़भाड़ वाले स्थान: स्कूल, हॉस्टल, वृद्धाश्रम, जेल, या शरणार्थी शिविरों जैसी जगहों पर जहां लोग निकट संपर्क में रहते हैं, वहां इसका प्रसार तेजी से होता है।
  4. यौन संपर्क: वयस्कों में स्केबीज कई बार यौन संचारित संक्रमण के रूप में भी फैलता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्केबीज केवल गंदगी या अस्वच्छता के कारण नहीं होता — यह किसी को भी हो सकता है, चाहे वह कितनी भी सफाई क्यों न रखता हो। हालांकि अस्वच्छ और भीड़भाड़ वाली परिस्थितियां इसके फैलने की गति को बढ़ा देती हैं।

स्केबीज के लक्षण

स्केबीज के लक्षण संक्रमण के बाद तुरंत नहीं दिखते। जिन लोगों को पहले कभी स्केबीज नहीं हुआ हो, उनमें लक्षण दिखने में 4 से 6 सप्ताह तक का समय लग सकता है, क्योंकि शरीर को घुन के प्रति प्रतिरक्षात्मक प्रतिक्रिया विकसित करने में समय लगता है। लेकिन जिन्हें पहले यह संक्रमण हो चुका है, उनमें लक्षण 1 से 4 दिनों के भीतर ही दिखाई दे सकते हैं। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • तीव्र खुजली: यह स्केबीज का सबसे प्रमुख लक्षण है। यह खुजली रात के समय अधिक तेज हो जाती है, जिससे नींद में बाधा आती है।
  • लाल चकत्ते या दाने: त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या फुंसियां दिखाई देती हैं, जो अक्सर एक कतार या रेखा के रूप में होती हैं (यह घुन द्वारा बनाई गई सुरंग को दर्शाता है)।
  • सुरंग जैसी रेखाएं: कई बार त्वचा पर हल्के भूरे या स्लेटी रंग की पतली, टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएं दिखाई देती हैं।
  • प्रभावित क्षेत्र: स्केबीज आमतौर पर उंगलियों के बीच, कलाई, कोहनी, बगल, कमर, नाभि के आसपास, स्तनों के नीचे, और नितंबों पर होता है। छोटे बच्चों और शिशुओं में यह चेहरे, खोपड़ी, हथेलियों और तलवों पर भी हो सकता है।
  • त्वचा का मोटा होना: लगातार खुजलाने से त्वचा मोटी और परतदार हो सकती है।

स्केबीज के प्रकार

सामान्य स्केबीज के अलावा एक गंभीर प्रकार भी होता है जिसे क्रस्टेड स्केबीज या नॉर्वेजियन स्केबीज कहा जाता है। यह उन लोगों में होता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, जैसे एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, वृद्ध लोग, या ऐसे लोग जो प्रतिरक्षादमनकारी दवाएं ले रहे हों। इसमें त्वचा पर मोटी, पपड़ीदार परतें बन जाती हैं जिनमें लाखों की संख्या में घुन और अंडे मौजूद होते हैं। यह प्रकार सामान्य स्केबीज की तुलना में कहीं अधिक संक्रामक होता है।

निदान (डायग्नोसिस)

स्केबीज का निदान आमतौर पर त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) द्वारा त्वचा की शारीरिक जांच से किया जाता है। डॉक्टर प्रभावित क्षेत्रों को देखकर, खासकर उंगलियों के बीच और कलाई पर बनी सुरंगों को पहचानकर, प्रारंभिक निदान कर सकते हैं। संदेह होने पर, डॉक्टर त्वचा का एक छोटा सा नमूना लेकर उसे माइक्रोस्कोप के नीचे जांच सकते हैं ताकि घुन, उनके अंडे या मल की पुष्टि हो सके। कभी-कभी डर्मोस्कोपी (एक विशेष आवर्धक उपकरण) का भी उपयोग किया जाता है।

उपचार

स्केबीज का उपचार पूरी तरह संभव है, और इसके लिए मुख्यतः दवाइयों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें स्कैबिसाइड कहा जाता है। कुछ सामान्य उपचार इस प्रकार हैं:

  1. पर्मेथ्रिन क्रीम (5%): यह सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली और सुरक्षित दवा है। इसे पूरे शरीर पर (गर्दन से नीचे, कभी-कभी चेहरे और खोपड़ी सहित) लगाया जाता है और 8-14 घंटे बाद धो दिया जाता है।
  2. आइवरमेक्टिन: यह मौखिक दवा है जो गंभीर या क्रस्टेड स्केबीज के मामलों में डॉक्टर की सलाह पर दी जाती है।
  3. बेंज़ाइल बेंजोएट लोशन: यह भी एक प्रभावी विकल्प है, हालांकि यह त्वचा पर हल्की जलन पैदा कर सकता है।
  4. खुजली कम करने वाली दवाएं: एंटीहिस्टामिन दवाएं और स्टेरॉयड क्रीम खुजली को कम करने में मदद करती हैं, हालांकि ये घुन को नहीं मारतीं।

यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्यों और नजदीकी संपर्क में रहने वाले लोगों का एक साथ उपचार किया जाए, भले ही उनमें लक्षण न दिखें। ऐसा न करने पर संक्रमण बार-बार फैलता रह सकता है। साथ ही, बिस्तर की चादरें, तौलिये और कपड़ों को गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाना चाहिए, या कम से कम 72 घंटों के लिए एक बंद प्लास्टिक बैग में रख देना चाहिए, क्योंकि घुन शरीर के बाहर लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकते।

उपचार के बाद भी खुजली कुछ हफ्तों तक बनी रह सकती है, क्योंकि यह मृत घुनों के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण होती है, न कि जीवित संक्रमण के कारण। इसे “पोस्ट-स्कैबिटिक खुजली” कहा जाता है और यह चिंता का विषय नहीं है, बशर्ते यह धीरे-धीरे कम हो रही हो।

संभावित जटिलताएं

यदि स्केबीज का उपचार समय पर न किया जाए, तो निम्नलिखित जटिलताएं हो सकती हैं:

  • लगातार खुजलाने से त्वचा में घाव और जीवाणु संक्रमण (जैसे इम्पेटिगो)।
  • गंभीर मामलों में, जीवाणु संक्रमण गुर्दे या रक्त तक फैल सकता है।
  • नींद में बाधा के कारण मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन।
  • क्रस्टेड स्केबीज में संक्रमण का तेजी से और व्यापक प्रसार।

बचाव के उपाय

स्केबीज से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधे त्वचा संपर्क से बचें जब तक उसका उपचार पूरा न हो जाए।
  • व्यक्तिगत वस्तुएं जैसे तौलिया, कपड़े, बिस्तर आदि साझा न करें।
  • यदि परिवार में किसी को स्केबीज हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और सभी सदस्यों की जांच कराएं।
  • भीड़भाड़ वाले स्थानों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
  • संक्रमित व्यक्ति के कपड़े और बिस्तर को नियमित रूप से गर्म पानी में धोएं।

निष्कर्ष

स्केबीज एक असहज करने वाली लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। सही समय पर पहचान और उपचार से इसे जल्दी ठीक किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे शर्म या झिझक का विषय न बनाकर, समय पर डॉक्टर से संपर्क किया जाए और परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ उपचार सुनिश्चित किया जाए। स्वच्छता, जागरूकता, और समय पर चिकित्सा सहायता से स्केबीज के प्रसार को रोका जा सकता है और इसकी जटिलताओं से बचा जा सकता है।

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