ग्रोइन पेन (जांघ के भीतरी हिस्से में दर्द): खिलाड़ियों में इसके कारण और स्ट्रेच
ग्रोइन पेन (Groin Pain) यानी जांघ के अंदरूनी हिस्से में दर्द, खेलकूद करने वाले खिलाड़ियों में बहुत आम समस्या है। यह दर्द हल्का खिंचाव से लेकर गंभीर मांसपेशी चोट तक हो सकता है। खासकर फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, रनिंग और जिम ट्रेनिंग करने वाले खिलाड़ियों में यह अधिक देखा जाता है।
इस लेख में हम समझेंगे कि ग्रोइन पेन क्यों होता है, इसके मुख्य कारण क्या हैं और कौन-से स्ट्रेच व एक्सरसाइज इससे राहत दिला सकते हैं।
ग्रोइन पेन क्या होता है?
ग्रोइन एरिया वह हिस्सा होता है जहाँ पेट और जांघ मिलते हैं। यहाँ कई मांसपेशियाँ (Adductor muscles), टेंडन और लिगामेंट्स होते हैं जो पैर को अंदर की ओर लाने और स्थिर रखने में मदद करते हैं।
जब इन मांसपेशियों पर अचानक खिंचाव, ओवरयूज या चोट लगती है तो दर्द शुरू हो जाता है, जिसे ग्रोइन पेन कहा जाता है।
खिलाड़ियों में ग्रोइन पेन के मुख्य कारण
1. मांसपेशियों का खिंचाव (Muscle Strain)
तेज़ दौड़ना, अचानक दिशा बदलना या किक मारते समय एडडक्टर मसल्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे स्ट्रेन हो सकता है।
2. वार्म-अप की कमी
बिना वार्म-अप के खेल शुरू करने से मांसपेशियाँ सख्त रहती हैं और चोट का खतरा बढ़ जाता है।
3. ओवरयूज (Overuse Injury)
लगातार ट्रेनिंग, बिना आराम के अभ्यास करने से मसल्स थक जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है।
4. मांसपेशियों का असंतुलन
अगर जांघ की अंदरूनी और बाहरी मांसपेशियों में बैलेंस नहीं होता, तो ग्रोइन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
5. गलत तकनीक
गलत तरीके से दौड़ना, किक करना या वजन उठाना भी इस दर्द का कारण बन सकता है।
6. पहले से पुरानी चोट
अगर पहले ग्रोइन इंजरी हुई है और पूरी तरह ठीक नहीं हुई, तो दर्द दोबारा हो सकता है।
7. हर्निया (Inguinal Hernia)
कुछ मामलों में ग्रोइन पेन हर्निया के कारण भी हो सकता है, जिसमें पेट की दीवार कमजोर हो जाती है।
ग्रोइन पेन के लक्षण
- जांघ के अंदरूनी हिस्से में दर्द
- चलने या दौड़ने में दर्द बढ़ना
- पैर फैलाने या बंद करने में कठिनाई
- सूजन या जकड़न
- किक या जंप करते समय तेज दर्द
ग्रोइन पेन के लिए असरदार स्ट्रेच और एक्सरसाइज
नीचे दिए गए स्ट्रेच हल्के दर्द या रिकवरी फेज में बहुत मददगार होते हैं:
1. बटरफ्लाई स्ट्रेच (Butterfly Stretch)
कैसे करें:
- जमीन पर बैठ जाएँ
- दोनों पैरों के तलवे आपस में जोड़ें
- घुटनों को धीरे-धीरे नीचे की ओर दबाएँ
- पीठ सीधी रखें
फायदा:
एडडक्टर मसल्स की लचीलापन बढ़ता है।
2. साइड लंज स्ट्रेच (Side Lunge Stretch)
कैसे करें:
- एक पैर को साइड में फैलाएँ
- दूसरा पैर मोड़कर शरीर को नीचे लाएँ
- कुछ सेकंड रोकें और बदलें
फायदा:
जांघ की अंदरूनी मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
3. क्लैमशेल एक्सरसाइज (Clamshell Exercise)
कैसे करें:
- साइड में लेट जाएँ
- घुटनों को मोड़कर रखें
- ऊपर वाले घुटने को धीरे-धीरे खोलें
फायदा:
हिप और ग्रोइन मसल्स की स्थिरता बढ़ती है।
4. लंज स्ट्रेच (Lunge Stretch)
कैसे करें:
- एक पैर आगे रखें
- दूसरा पैर पीछे सीधा रखें
- शरीर को आगे की ओर झुकाएँ
फायदा:
हिप फ्लेक्सर और ग्रोइन क्षेत्र में खिंचाव कम होता है।
5. हिप रोटेशन स्ट्रेच
कैसे करें:
- पीठ के बल लेट जाएँ
- एक पैर मोड़कर धीरे-धीरे सर्कल में घुमाएँ
फायदा:
जॉइंट मोबिलिटी बेहतर होती है।
ग्रोइन पेन में क्या करें (Do’s)
- तुरंत आराम करें
- आइस पैक लगाएँ (पहले 48 घंटे)
- हल्की स्ट्रेचिंग करें
- धीरे-धीरे फिजियोथेरेपी शुरू करें
- सही वार्म-अप करें
क्या न करें (Don’ts)
- दर्द के बावजूद खेल जारी न रखें
- भारी एक्सरसाइज न करें
- अचानक स्प्रिंट या किक न करें
- दर्द को नजरअंदाज न करें
खिलाड़ियों के लिए बचाव के उपाय
- रोज़ 10–15 मिनट वार्म-अप करें
- स्ट्रेचिंग को रूटीन में शामिल करें
- हिप और कोर मसल्स को मजबूत करें
- पर्याप्त आराम लें
- सही जूते और ग्राउंड का उपयोग करें
कब डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट को दिखाएँ?
- दर्द 7–10 दिन से ज्यादा रहे
- चलना मुश्किल हो जाए
- सूजन बढ़ती जाए
- हर्निया जैसा संदेह हो
- दर्द बार-बार लौटे
निष्कर्ष
ग्रोइन पेन खिलाड़ियों में एक आम लेकिन नजरअंदाज न करने वाली समस्या है। सही वार्म-अप, स्ट्रेचिंग और मसल्स स्ट्रेंथनिंग से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। शुरुआती अवस्था में ही ध्यान देने पर यह जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन लापरवाही करने पर यह गंभीर चोट का रूप ले सकता है।
