गोल्फर एल्बो और टेनिस एल्बो के दर्द को कम करने के लिए स्ट्रेचिंग: सही तरीका, फायदे और सावधानियाँ
आजकल कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करना, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग, जिम में गलत तकनीक से एक्सरसाइज करना, बार-बार भारी सामान उठाना या टेनिस, गोल्फ, बैडमिंटन जैसे खेल खेलने के कारण कोहनी के आसपास दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इनमें सबसे आम समस्याएँ गोल्फर एल्बो (Golfer’s Elbow) और टेनिस एल्बो (Tennis Elbow) हैं।
हालाँकि इनके नाम खेलों से जुड़े हैं, लेकिन यह समस्या केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। ऑफिस में काम करने वाले, गृहिणियाँ, मैकेनिक, बढ़ई, प्लंबर, रसोइये और कंप्यूटर उपयोग करने वाले लोग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
सही समय पर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज, आराम, उचित फिजियोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव अपनाकर इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि गोल्फर एल्बो और टेनिस एल्बो क्या हैं, इनके कारण, लक्षण, और दर्द कम करने के लिए सबसे प्रभावी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कौन-सी हैं।
गोल्फर एल्बो क्या है?
गोल्फर एल्बो को मेडिकल भाषा में Medial Epicondylitis कहा जाता है। इसमें कोहनी के अंदरूनी हिस्से (Inner Elbow) में दर्द होता है। यह दर्द उन मांसपेशियों और टेंडन में सूजन या छोटे-छोटे नुकसान के कारण होता है जो कलाई और उंगलियों को मोड़ने का काम करते हैं।
टेनिस एल्बो क्या है?
टेनिस एल्बो को Lateral Epicondylitis कहा जाता है। इसमें कोहनी के बाहरी हिस्से (Outer Elbow) में दर्द होता है। यह मुख्य रूप से उन टेंडन पर बार-बार तनाव पड़ने से होता है जो कलाई को पीछे की ओर उठाने का कार्य करते हैं।
गोल्फर एल्बो और टेनिस एल्बो के सामान्य कारण
- लंबे समय तक कंप्यूटर और माउस का उपयोग
- बार-बार एक जैसी गतिविधि करना
- गलत तरीके से वजन उठाना
- खेल के दौरान गलत तकनीक
- लगातार हथौड़ा, स्क्रूड्राइवर या अन्य औजारों का उपयोग
- जिम में अधिक वजन उठाना
- कमजोर फोरआर्म (Forearm) मांसपेशियाँ
- पर्याप्त वार्म-अप न करना
सामान्य लक्षण
- कोहनी के अंदर या बाहर दर्द
- हाथ पकड़ने की शक्ति कम होना
- बोतल खोलने में कठिनाई
- सामान उठाते समय दर्द
- कलाई घुमाने पर तकलीफ
- सुबह उठने पर जकड़न
- लंबे समय तक काम करने के बाद दर्द बढ़ जाना
स्ट्रेचिंग क्यों जरूरी है?
सही स्ट्रेचिंग से कई लाभ मिलते हैं—
- टेंडन पर तनाव कम होता है।
- मांसपेशियों का लचीलापन बढ़ता है।
- रक्त संचार बेहतर होता है।
- दर्द और जकड़न कम होती है।
- भविष्य में दोबारा चोट लगने का खतरा घटता है।
- हाथ की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
ध्यान रखें कि स्ट्रेचिंग धीरे-धीरे और बिना झटके के करनी चाहिए।
1. रिस्ट एक्सटेंसर स्ट्रेच (टेनिस एल्बो के लिए)
यह सबसे प्रभावी स्ट्रेच में से एक है।
कैसे करें?
- हाथ को सामने सीधा रखें।
- हथेली नीचे रखें।
- दूसरे हाथ से उंगलियों को धीरे-धीरे नीचे और अपनी ओर खींचें।
- कोहनी सीधी रखें।
- फोरआर्म के ऊपरी भाग में हल्का खिंचाव महसूस होना चाहिए।
कितनी देर करें?
20–30 सेकंड तक रखें।
3–5 बार दोहराएँ।
2. रिस्ट फ्लेक्सर स्ट्रेच (गोल्फर एल्बो के लिए)
कैसे करें?
- हाथ सामने सीधा रखें।
- हथेली ऊपर रखें।
- दूसरे हाथ से उंगलियों को नीचे की ओर मोड़ें।
- धीरे-धीरे अपनी ओर खींचें।
- कोहनी सीधी रखें।
अवधि
20–30 सेकंड
3–5 बार
3. प्रेयर स्ट्रेच (Prayer Stretch)
यह दोनों प्रकार के एल्बो दर्द में उपयोगी है।
कैसे करें?
- दोनों हथेलियाँ नमस्ते की मुद्रा में जोड़ें।
- हथेलियाँ सीने के सामने रखें।
- धीरे-धीरे हाथों को नीचे लाएँ।
- हथेलियाँ जुड़ी रहें।
- जब तक फोरआर्म में खिंचाव महसूस न हो।
20–30 सेकंड तक करें।
4. रिवर्स प्रेयर स्ट्रेच
यह फोरआर्म के विपरीत भाग को स्ट्रेच करता है।
कैसे करें?
- हाथों को पीठ के पीछे रिवर्स नमस्ते की मुद्रा में रखें।
- यदि यह कठिन लगे तो दोनों हाथों को पीछे ले जाकर धीरे-धीरे स्ट्रेच करें।
- बिना दर्द के सीमा तक ही जाएँ।
15–20 सेकंड तक करें।
5. फोरआर्म रोटेशन स्ट्रेच
कैसे करें?
- कोहनी शरीर के पास रखें।
- हथेली ऊपर करें।
- फिर धीरे-धीरे नीचे करें।
- पूरी गति में आराम से घुमाएँ।
10–15 बार दोहराएँ।
6. टॉवल स्ट्रेच
कैसे करें?
- एक छोटा तौलिया दोनों हाथों से पकड़ें।
- धीरे-धीरे तौलिया को विपरीत दिशा में खींचें।
- प्रभावित हाथ पर हल्का स्ट्रेच महसूस करें।
10–15 बार करें।
7. बॉल स्क्वीज़ एक्सरसाइज
हालाँकि यह स्ट्रेच नहीं बल्कि हल्की मजबूती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज है।
कैसे करें?
- मुलायम बॉल पकड़ें।
- धीरे-धीरे दबाएँ।
- 5 सेकंड रोकें।
- छोड़ दें।
10–15 बार करें।
स्ट्रेचिंग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- पहले 5 मिनट वार्म-अप करें।
- स्ट्रेचिंग धीरे-धीरे करें।
- झटके बिल्कुल न दें।
- दर्द बहुत बढ़े तो तुरंत रोक दें।
- सांस सामान्य रखें।
- हर दिन नियमित अभ्यास करें।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
यदि आपको निम्न स्थितियाँ हैं, तो पहले फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें—
- हाल ही में फ्रैक्चर
- गंभीर सूजन
- हाथ में सुन्नपन
- नस दबने की समस्या
- संक्रमण
- तेज और असहनीय दर्द
- कोहनी का ऑपरेशन हुआ हो
केवल स्ट्रेचिंग पर्याप्त है?
हर बार नहीं। यदि दर्द लंबे समय से है, तो केवल स्ट्रेचिंग पर्याप्त नहीं होती। इसके साथ निम्न उपचार भी लाभदायक हो सकते हैं—
- फिजियोथेरेपी
- आइस थेरेपी
- अल्ट्रासाउंड थेरेपी
- टेपिंग
- मैनुअल थेरेपी
- एक्सेंट्रिक स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज
- सही एर्गोनॉमिक्स
- कार्य के दौरान नियमित ब्रेक
दर्द से बचाव के उपाय
- काम शुरू करने से पहले वार्म-अप करें।
- लंबे समय तक लगातार काम न करें।
- हर 30–40 मिनट में छोटा ब्रेक लें।
- सही मुद्रा (Posture) बनाए रखें।
- कलाई पर अनावश्यक दबाव न डालें।
- खेलते समय सही तकनीक अपनाएँ।
- जरूरत पड़ने पर एल्बो सपोर्ट का उपयोग करें।
- फोरआर्म की स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली एक्सरसाइज करें।
कब डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से मिलें?
यदि—
- दर्द 2–3 सप्ताह से अधिक बना रहे।
- हाथ में कमजोरी बढ़ जाए।
- वस्तुएँ पकड़ने में कठिनाई हो।
- सूजन लगातार बनी रहे।
- रात में भी दर्द परेशान करे।
- दर्द धीरे-धीरे बढ़ता जाए।
ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से जांच कराना आवश्यक है ताकि सही कारण का पता चल सके और उचित उपचार शुरू किया जा सके।
निष्कर्ष
गोल्फर एल्बो और टेनिस एल्बो दोनों ही कोहनी की सामान्य लेकिन दर्दनाक समस्याएँ हैं, जो बार-बार होने वाली गतिविधियों और टेंडन पर अधिक दबाव के कारण विकसित होती हैं। अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में सही स्ट्रेचिंग, नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम और उचित फिजियोथेरेपी की मदद से अधिकांश लोगों में दर्द और जकड़न में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है।
याद रखें कि स्ट्रेचिंग हमेशा नियंत्रित और बिना झटके के करें। यदि दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें। सही समय पर उपचार न केवल दर्द से राहत देता है, बल्कि भविष्य में समस्या के दोबारा होने की संभावना भी कम करता है।
