गर्भावस्था के दौरान पेल्विक गर्डल पेन (Pelvic Girdle Pain) से राहत के लिए 5 सुरक्षित व्यायाम
| |

गर्भावस्था के दौरान पेल्विक गर्डल पेन से राहत के लिए 5 सुरक्षित व्यायाम

गर्भावस्था एक खूबसूरत अनुभव है, लेकिन इस दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक बदलावों के कारण कई महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक आम समस्या है पेल्विक गर्डल पेन (Pelvic Girdle Pain – PGP), जिसे पहले सिम्फिसिस प्यूबिस डिसफंक्शन (SPD) के नाम से भी जाना जाता था। यह दर्द कूल्हों, कमर के निचले हिस्से, जांघों और प्यूबिक बोन के आसपास महसूस होता है, और कई बार चलने, सीढ़ियां चढ़ने या करवट बदलने में भी तकलीफ पैदा करता है।

अच्छी खबर यह है कि सही और सुरक्षित व्यायामों की मदद से इस दर्द को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि पेल्विक गर्डल पेन क्यों होता है, और इससे राहत पाने के लिए 5 सुरक्षित व्यायाम कौन से हैं।

पेल्विक गर्डल पेन क्यों होता है?

गर्भावस्था के दौरान शरीर में रिलैक्सिन (Relaxin) नामक हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। यह हार्मोन पेल्विक जोड़ों और लिगामेंट्स को ढीला करता है ताकि प्रसव के समय बच्चे के लिए रास्ता आसानी से बन सके। लेकिन इसी वजह से पेल्विक क्षेत्र की स्थिरता कम हो जाती है, जिससे जोड़ों पर असामान्य दबाव पड़ता है और दर्द उत्पन्न होता है।

इसके अलावा बढ़ता हुआ वज़न, शरीर के गुरुत्व केंद्र (center of gravity) में बदलाव, और कोर व पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी भी इस दर्द को बढ़ाने में भूमिका निभाती है।

व्यायाम शुरू करने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

किसी भी व्यायाम को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह अवश्य लें, खासकर यदि आपको उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (high-risk pregnancy), प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या, या डॉक्टर द्वारा शारीरिक गतिविधि पर कोई रोक लगाई गई हो। व्यायाम करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:

  • कोई भी व्यायाम दर्द बढ़ाने वाला नहीं होना चाहिए। यदि दर्द बढ़े, तुरंत रोक दें।
  • धीमी और नियंत्रित गति से व्यायाम करें, झटके से बचें।
  • पैरों को बहुत ज़्यादा फैलाने वाली या असंतुलित मुद्राओं से बचें।
  • सांस को रोकें नहीं, सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • आरामदायक कपड़े पहनें और ज़रूरत पड़ने पर सहारे के लिए दीवार, कुर्सी या बर्थिंग बॉल का उपयोग करें।

अब आइए जानते हैं 5 सुरक्षित और प्रभावी व्यायामों के बारे में।

1. पेल्विक टिल्ट (Pelvic Tilt)

पेल्विक टिल्ट पेट और पीठ की निचली मांसपेशियों को मज़बूत करने में मदद करता है, जिससे पेल्विक जोड़ों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है।

कैसे करें:

  1. घुटनों के बल फर्श पर आ जाएं, हाथों को कंधों के नीचे और घुटनों को कूल्हों के नीचे रखें (यह “टेबल टॉप” मुद्रा है)।
  2. धीरे-धीरे पेट की मांसपेशियों को अंदर खींचें और पीठ को हल्का ऊपर की ओर गोल करें, जैसे बिल्ली अपनी पीठ मोड़ती है।
  3. कुछ सेकंड रुकें, फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं। पीठ को ज़्यादा नीचे न धकेलें।
  4. इसे 8-10 बार दोहराएं।

यह व्यायाम खड़े होकर दीवार के सहारे भी किया जा सकता है, जो तीसरी तिमाही में ज़्यादा आरामदायक हो सकता है।

2. कैट-काउ स्ट्रेच (Cat-Cow Stretch)

यह एक क्लासिक योग मुद्रा है जो रीढ़ की हड्डी और पेल्विक क्षेत्र में लचीलापन लाती है और तनाव को कम करती है।

कैसे करें:

  1. टेबल टॉप मुद्रा में आ जाएं।
  2. सांस अंदर लेते हुए पेट को नीचे की ओर छोड़ें और सिर व टेलबोन को ऊपर उठाएं (काउ पोज़)।
  3. सांस बाहर छोड़ते हुए पीठ को ऊपर की ओर गोल करें और ठुड्डी को छाती की ओर लाएं (कैट पोज़)।
  4. इस गति को धीरे-धीरे और सांस के साथ तालमेल बिठाते हुए 8-10 बार दोहराएं।

यह व्यायाम पीठ के निचले हिस्से और पेल्विक जोड़ों को आराम देता है और रक्त संचार बेहतर करता है।

3. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ (केगल एक्सरसाइज़)

पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां पेल्विक अंगों को सहारा देती हैं। इन्हें मज़बूत करने से पेल्विक स्थिरता बढ़ती है और दर्द में राहत मिलती है।

कैसे करें:

  1. आराम से बैठें या लेटें।
  2. उन मांसपेशियों को कसें जिनका उपयोग आप पेशाब रोकने के लिए करती हैं (यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां हैं)।
  3. इन्हें 5-8 सेकंड तक कसकर रखें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें।
  4. 10 बार दोहराएं, दिन में 2-3 बार अभ्यास करें।

ध्यान रखें कि सांस रोकें नहीं और पेट, जांघों या नितंबों की मांसपेशियों को न कसें – केवल पेल्विक फ्लोर पर ध्यान केंद्रित करें।

4. हिप सर्कल्स ऑन बर्थिंग बॉल (Birthing Ball Hip Circles)

एक्सरसाइज़ बॉल (बर्थिंग बॉल) पर बैठकर किया जाने वाला यह व्यायाम पेल्विक जोड़ों को धीरे-धीरे मोबिलाइज़ करता है और मांसपेशियों को आराम देता है।

कैसे करें:

  1. बर्थिंग बॉल पर सीधे बैठें, पैर ज़मीन पर सपाट और कूल्हों की चौड़ाई जितने दूर रखें।
  2. कूल्हों को धीरे-धीरे गोलाकार गति में घुमाएं – पहले घड़ी की दिशा में, फिर विपरीत दिशा में।
  3. प्रत्येक दिशा में 8-10 बार धीमी गति से दोहराएं।

यह व्यायाम रक्त संचार बढ़ाता है, पेल्विक क्षेत्र में अकड़न कम करता है, और प्रसव की तैयारी में भी सहायक माना जाता है। बॉल का आकार सही होना और संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है, इसलिए शुरुआत में किसी की मदद लेना बेहतर रहेगा।

5. वॉल स्क्वाट (Supported Wall Squat)

यह व्यायाम जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों को मज़बूत करता है, जिससे पेल्विक जोड़ों को बेहतर सहारा मिलता है। यह पूर्ण स्क्वाट की तुलना में सुरक्षित है क्योंकि इसमें दीवार का सहारा मिलता है।

कैसे करें:

  1. दीवार के सहारे पीठ टिकाकर खड़ी हो जाएं, पैर कूल्हों की चौड़ाई जितने दूर और दीवार से थोड़ा आगे रखें।
  2. धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की ओर सरकें, जितना आरामदायक लगे उतना ही – घुटनों को पूरी तरह मोड़ने की ज़रूरत नहीं।
  3. कुछ सेकंड रुकें, फिर धीरे-धीरे ऊपर की ओर वापस आएं।
  4. 5-8 बार दोहराएं।

ध्यान रखें कि घुटने पैरों की उंगलियों से आगे न जाएं और पैर हमेशा एक-दूसरे के समानांतर रहें, न कि बहुत अधिक फैले हुए।

अन्य उपयोगी सुझाव

व्यायाम के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी पेल्विक गर्डल पेन को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं:

  • पैर जोड़कर बैठें और उठें – बिस्तर से उठते या करवट बदलते समय दोनों घुटनों को साथ रखें।
  • एक पैर पर वज़न डालने से बचें – जैसे एक पैर पर खड़े होकर कपड़े पहनना।
  • सीढ़ियां एक-एक करके चढ़ें, एक बार में एक ही पैर आगे बढ़ाकर।
  • सपोर्ट बेल्ट (Pelvic Support Belt) पहनने पर विचार करें, जो डॉक्टर की सलाह से पेल्विक जोड़ों को अतिरिक्त स्थिरता दे सकती है।
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में खड़े रहने या बैठने से बचें, बीच-बीच में स्थिति बदलती रहें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें

यदि दर्द बहुत तेज़ हो, चलना-फिरना मुश्किल हो जाए, या व्यायाम करने के बावजूद राहत न मिले, तो तुरंत अपने प्रसूति विशेषज्ञ (obstetrician) या पेल्विक हेल्थ फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करें। कई बार व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुसार विशेष फिजियोथेरेपी उपचार की ज़रूरत पड़ सकती है।

निष्कर्ष

पेल्विक गर्डल पेन गर्भावस्था के दौरान एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक स्थिति है। ऊपर बताए गए पांचों व्यायाम – पेल्विक टिल्ट, कैट-काउ स्ट्रेच, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़, बर्थिंग बॉल हिप सर्कल्स, और वॉल स्क्वाट – नियमित और सही तरीके से करने पर दर्द में उल्लेखनीय राहत दिला सकते हैं। हालांकि, हर गर्भावस्था अलग होती है, इसलिए कोई भी नया व्यायाम शुरू करने से पहले अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। सही देखभाल और सावधानी के साथ, आप इस चुनौतीपूर्ण दौर को अधिक आराम से पार कर सकती हैं।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *