बार्थोलिन सिस्ट (Bartholin’s Cyst): कारण, लक्षण, इलाज और बचाव
परिचय
महिलाओं के जननांग क्षेत्र में योनि के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दो छोटी ग्रंथियाँ होती हैं, जिन्हें बार्थोलिन ग्रंथियाँ (Bartholin’s Glands) कहा जाता है। ये मटर के दाने जितनी छोटी होती हैं और सामान्यतः दिखाई या महसूस नहीं होतीं। इनका काम योनि के द्वार को नम और चिकना रखना है, खासकर यौन क्रिया के समय।
जब इन ग्रंथियों की नली (duct) किसी कारण से बंद हो जाती है, तो उसके भीतर द्रव जमा होने लगता है और एक गाँठ या थैली बन जाती है। इसे बार्थोलिन सिस्ट कहते हैं। यह बहुत आम समस्या है और अधिकांश मामलों में गंभीर नहीं होती, लेकिन संक्रमण हो जाए तो दर्दनाक फोड़ा (abscess) बन सकता है। अनुमान है कि लगभग 2 प्रतिशत महिलाओं को जीवन में कभी न कभी यह समस्या होती है, और यह अक्सर 20 से 30 वर्ष की उम्र में देखी जाती है।
बार्थोलिन ग्रंथि क्या है?
ये ग्रंथियाँ योनि द्वार के निचले हिस्से में, लगभग 4 और 8 बजे की स्थिति में (घड़ी की तरह सोचें तो) स्थित होती हैं। प्रत्येक ग्रंथि से एक छोटी नली निकलकर योनि द्वार के पास खुलती है। इससे निकलने वाला तरल योनि के प्रवेश क्षेत्र को चिकना रखता है। यौवन से पहले और रजोनिवृत्ति (menopause) के बाद ये ग्रंथियाँ आमतौर पर सक्रिय नहीं रहतीं, इसीलिए इन उम्रों में सिस्ट कम होती है।
बार्थोलिन सिस्ट और बार्थोलिन फोड़े में अंतर
सिस्ट: जब नली बंद होने से द्रव जमा होता है, पर संक्रमण नहीं होता। यह अक्सर दर्दरहित या हल्की असुविधा वाली होती है।
फोड़ा (Abscess): जब सिस्ट में बैक्टीरिया का संक्रमण हो जाता है और मवाद भर जाता है। इसमें तेज दर्द, सूजन और कभी-कभी बुखार होता है।
कारण
नली के बंद होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- संक्रमण: ई. कोलाई (E. coli) जैसे सामान्य बैक्टीरिया, या यौन संचारित संक्रमण जैसे गोनोरिया और क्लैमाइडिया, ग्रंथि में सूजन पैदा कर सकते हैं।
- चोट या जलन: जननांग क्षेत्र में चोट, रगड़, या सर्जरी के बाद की सूजन से नली बंद हो सकती है।
- गाढ़ा स्राव: कभी-कभी ग्रंथि का तरल गाढ़ा होकर नली में अटक जाता है।
- त्वचा का वृद्धि: नली के मुँह पर त्वचा की अतिरिक्त परत बन जाने से रास्ता बंद हो सकता है।
- स्वच्छता की कमी: जननांग क्षेत्र की सफाई ठीक से न होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
कई बार स्पष्ट कारण पता नहीं चलता।
जोखिम कारक
- प्रजनन आयु (विशेषकर 20 से 30 वर्ष)
- पहले हो चुकी बार्थोलिन सिस्ट (दोबारा होने की संभावना रहती है)
- असुरक्षित यौन संबंध और यौन संचारित संक्रमण
- कई यौन साथी होना
- जननांग क्षेत्र की स्वच्छता में लापरवाही
लक्षण
छोटी सिस्ट में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। आकार बढ़ने पर निम्न लक्षण दिख सकते हैं:
- योनि द्वार के पास एक तरफ दर्दरहित या हल्की दर्द वाली गाँठ
- उस जगह सूजन और लालिमा
- बैठने, चलने या साइकिल/स्कूटर चलाने में असुविधा
- संभोग के समय दर्द
- योनि द्वार के आसपास भारीपन का एहसास
फोड़ा बनने पर:
- तेज और बढ़ता हुआ दर्द
- गाँठ का गर्म, कठोर और बहुत संवेदनशील होना
- बुखार और कंपकंपी
- मवाद निकलना
- चलना या बैठना बहुत कठिन हो जाना
अधिकतर मामलों में सूजन केवल एक तरफ होती है।
जाँच और निदान
डॉक्टर (स्त्री रोग विशेषज्ञ) आमतौर पर शारीरिक जाँच से ही निदान कर लेते हैं। जरूरत पड़ने पर:
- पेल्विक परीक्षण: गाँठ के आकार, स्थान और कोमलता की जाँच।
- स्वैब टेस्ट: यदि यौन संचारित संक्रमण का संदेह हो तो स्राव का नमूना लिया जा सकता है।
- बायोप्सी: 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में, या यदि गाँठ असामान्य दिखे, तो कैंसर की संभावना को बाहर करने के लिए ऊतक की जाँच की जाती है। बार्थोलिन ग्रंथि का कैंसर बहुत दुर्लभ है, पर इस उम्र में सावधानी रखी जाती है।
इलाज
इलाज सिस्ट के आकार, दर्द और संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करता है।
1. घरेलू देखभाल
यदि सिस्ट छोटी है और ज्यादा परेशान नहीं करती, तो डॉक्टर अक्सर केवल निगरानी की सलाह देते हैं।
- गुनगुने पानी में बैठना (Sitz bath): दिन में 3 से 4 बार, 10 से 15 मिनट के लिए साफ गुनगुने पानी में बैठें। इससे सूजन घटती है और कई बार सिस्ट अपने आप फूटकर निकल जाती है।
- दर्द निवारक: पैरासिटामोल या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएँ डॉक्टर की सलाह से ली जा सकती हैं।
- ढीले सूती कपड़े: टाइट कपड़े और सिंथेटिक अंडरवियर से बचें।
सिस्ट को खुद दबाने, फोड़ने या सुई से छेदने की कोशिश बिल्कुल न करें, इससे संक्रमण फैल सकता है।
2. एंटीबायोटिक दवाएँ
यदि संक्रमण है या यौन संचारित संक्रमण की पुष्टि होती है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक देते हैं। केवल एंटीबायोटिक से बड़े फोड़े का इलाज अक्सर पर्याप्त नहीं होता, पर यह सहायक है।
3. चीरा लगाकर निकासी (Incision and Drainage)
बड़े या दर्दनाक सिस्ट और फोड़े में यह आम तरीका है। स्थानीय सुन्न करने की दवा देकर छोटा चीरा लगाया जाता है और द्रव या मवाद निकाला जाता है। लेकिन केवल निकासी के बाद सिस्ट दोबारा बन सकती है।
4. वर्ड कैथेटर (Word Catheter)
निकासी के बाद एक छोटी रबर की ट्यूब, जिसके सिरे पर गुब्बारा होता है, सिस्ट में 4 से 6 हफ्ते के लिए लगा दी जाती है। इससे एक स्थायी रास्ता बन जाता है और द्रव निकलता रहता है, जिससे दोबारा बंद होने की संभावना घटती है।
5. मार्सुपियलाइजेशन (Marsupialization)
बार-बार होने वाली सिस्ट में यह छोटी शल्य प्रक्रिया की जाती है। इसमें सिस्ट को खोलकर उसके किनारों को आसपास की त्वचा से सिल दिया जाता है, ताकि एक स्थायी खुला मुँह बना रहे।
6. ग्रंथि को निकालना (Gland Excision)
यदि सिस्ट बार-बार लौटती है और अन्य उपाय विफल रहते हैं, तो अंतिम विकल्प के रूप में पूरी ग्रंथि निकाली जा सकती है। यह आमतौर पर सामान्य एनेस्थीसिया में किया जाता है, और इसमें रक्तस्राव या संक्रमण जैसे जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होते हैं।
डॉक्टर से कब मिलें
निम्न स्थितियों में देर न करें:
- गाँठ तेजी से बढ़ रही हो या बहुत दर्द हो
- बुखार या कंपकंपी हो
- गाँठ से मवाद निकल रहा हो
- घरेलू देखभाल से 2 से 3 दिन में आराम न मिले
- बार-बार सिस्ट बन रही हो
- 40 वर्ष से अधिक उम्र में पहली बार ऐसी गाँठ दिखे
- गाँठ कठोर, अनियमित आकार की हो या अल्सर जैसी दिखे
जटिलताएँ
- फोड़ा बनना: सबसे आम जटिलता।
- बार-बार होना: इलाज के बाद भी कई महिलाओं में सिस्ट लौट सकती है।
- संक्रमण का फैलना: दुर्लभ मामलों में आसपास के ऊतकों में संक्रमण फैल सकता है।
- दैनिक जीवन पर असर: दर्द के कारण चलने, बैठने और यौन जीवन में परेशानी।
बचाव के उपाय
बार्थोलिन सिस्ट को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, पर जोखिम घटाया जा सकता है:
- जननांग क्षेत्र की सफाई: रोजाना हल्के पानी से सफाई करें। तेज साबुन या केमिकल युक्त उत्पादों से बचें।
- सुरक्षित यौन संबंध: कंडोम का उपयोग यौन संचारित संक्रमणों से बचाता है।
- सूती अंडरवियर: हवादार और सूती कपड़े पहनें, गीले कपड़े देर तक न पहनें।
- संक्रमण का समय पर इलाज: योनि या मूत्र मार्ग के संक्रमण को नजरअंदाज न करें।
- नियमित जाँच: स्त्री रोग विशेषज्ञ से समय-समय पर परामर्श लें।
- शौच के बाद सफाई: आगे से पीछे की दिशा में सफाई करें।
गर्भावस्था और बार्थोलिन सिस्ट
गर्भावस्था में भी यह सिस्ट हो सकती है। अधिकांश मामलों में यह गर्भ या शिशु को नुकसान नहीं पहुँचाती, पर कोई भी दवा या इलाज शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
भ्रांतियाँ और सच्चाई
भ्रांति: यह केवल गंदगी या खराब चरित्र के कारण होती है।
सच्चाई: यह एक सामान्य चिकित्सीय स्थिति है और कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के हो जाती है।
भ्रांति: यह कैंसर में बदल जाती है।
सच्चाई: बार्थोलिन सिस्ट लगभग हमेशा सौम्य होती है। कैंसर बहुत दुर्लभ है।
भ्रांति: सिस्ट को घर पर फोड़ देना चाहिए।
सच्चाई: ऐसा करना खतरनाक है और संक्रमण बढ़ा सकता है।
निष्कर्ष
बार्थोलिन सिस्ट एक आम समस्या है जिसमें योनि द्वार के पास की ग्रंथि की नली बंद हो जाती है। छोटी सिस्ट अक्सर गुनगुने पानी की सिकाई से ठीक हो जाती है, जबकि संक्रमित या बड़ी सिस्ट में डॉक्टरी इलाज की जरूरत पड़ती है। शर्म या झिझक के कारण इलाज में देरी न करें, क्योंकि समय पर उपचार से दर्द और जटिलताओं से आसानी से बचा जा सकता है। स्वच्छता, सुरक्षित यौन व्यवहार और नियमित जाँच से जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी लक्षण के लिए योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
