हाइपरट्रॉफिक स्कार (Hypertrophic Scar): कारण, लक्षण और उपचार
परिचय
जब हमारी त्वचा में कोई चोट लगती है, कट लगता है, सर्जरी होती है या जलने का घाव बनता है, तो शरीर उसे भरने के लिए एक प्राकृतिक प्रक्रिया शुरू करता है। इस प्रक्रिया के अंत में त्वचा पर एक निशान बन जाता है, जिसे स्कार कहते हैं। ज़्यादातर मामलों में यह निशान समय के साथ सपाट और हल्का पड़ जाता है। लेकिन कभी-कभी घाव भरने की प्रक्रिया ज़रूरत से ज़्यादा सक्रिय हो जाती है और त्वचा पर उभरा हुआ, मोटा और लाल निशान बन जाता है। इसी को हाइपरट्रॉफिक स्कार कहा जाता है।
यह स्थिति शारीरिक रूप से जितनी परेशान करती है, उतना ही मानसिक रूप से भी। चेहरे, गर्दन या हाथों पर बने ऐसे निशान आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसका इलाज संभव है, बशर्ते सही समय पर सही जानकारी और उपचार मिले।
हाइपरट्रॉफिक स्कार क्या है?
हाइपरट्रॉफिक स्कार त्वचा का एक उभरा हुआ निशान है जो घाव के भरने के दौरान कोलेजन नामक प्रोटीन के अत्यधिक निर्माण के कारण बनता है। कोलेजन त्वचा को मज़बूती देता है और घाव भरने में मदद करता है, लेकिन जब यह ज़रूरत से ज़्यादा बन जाता है तो निशान मोटा और उभरा हुआ हो जाता है।
इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि निशान मूल घाव की सीमा के भीतर ही रहता है, यानी वह घाव के किनारों से बाहर नहीं फैलता। यही बात इसे केलॉइड (Keloid) से अलग करती है।
हाइपरट्रॉफिक स्कार और केलॉइड में अंतर
अक्सर लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में महत्वपूर्ण अंतर हैं:
| बिंदु | हाइपरट्रॉफिक स्कार | केलॉइड |
|---|---|---|
| सीमा | घाव की सीमा के भीतर | घाव की सीमा से बाहर फैलता है |
| समय | चोट के 4 से 8 हफ़्तों में उभरता है | महीनों या सालों बाद भी बन सकता है |
| अपने-आप सुधार | अक्सर 1 से 2 साल में कुछ कम हो जाता है | आमतौर पर अपने-आप ठीक नहीं होता |
| दोबारा उभरना | कम संभावना | इलाज के बाद दोबारा उभरने की संभावना ज़्यादा |
| आनुवंशिकता | कम भूमिका | अधिक भूमिका |
हाइपरट्रॉफिक स्कार के प्रमुख कारण
1. गहरे घाव और जलना
जो घाव त्वचा की गहरी परतों तक पहुँचते हैं, उनमें निशान बनने की संभावना ज़्यादा होती है। विशेषकर जलने के घाव, जिन्हें ठीक होने में तीन हफ़्ते से अधिक समय लगता है, उनमें हाइपरट्रॉफिक स्कार का जोखिम काफ़ी बढ़ जाता है।
2. घाव में संक्रमण
यदि घाव में संक्रमण हो जाए तो सूजन लंबे समय तक बनी रहती है। लंबी सूजन कोलेजन के अत्यधिक निर्माण को बढ़ावा देती है।
3. घाव पर तनाव (Tension)
जिन जगहों पर त्वचा बार-बार खिंचती है, जैसे जोड़ों के आसपास, कंधे, छाती या पीठ, वहाँ के घाव भरते समय खिंचाव के कारण मोटा निशान छोड़ सकते हैं।
4. घाव का देर से भरना
जो घाव धीरे भरते हैं, उनमें निशान उभरने की संभावना अधिक होती है।
5. सर्जरी के टांके
कभी-कभी टांके बहुत कसे हुए हों या घाव के किनारे ठीक से न मिले हों, तो निशान चौड़ा और उभरा हुआ बन सकता है।
6. अन्य कारण
- त्वचा में छेद करवाना (पियर्सिंग)
- टैटू
- मुहांसों के गंभीर घाव
- चेचक या अन्य त्वचा रोगों के बाद के निशान
- कीड़े का काटना या टीकाकरण का स्थान
जोखिम बढ़ाने वाले कारक
- कम उम्र (बच्चों और युवाओं में अधिक देखा जाता है)
- गहरे रंग की त्वचा
- परिवार में ऐसे निशानों का इतिहास
- घाव की उचित देखभाल न करना
- धूम्रपान, जो घाव भरने की प्रक्रिया को धीमा करता है
लक्षण
हाइपरट्रॉफिक स्कार की पहचान इन लक्षणों से की जा सकती है:
- त्वचा की सतह से उभरा हुआ निशान
- शुरुआत में लाल या गुलाबी रंग, बाद में भूरा या गहरा
- छूने पर कठोर और मोटा महसूस होना
- खुजली होना, जो कभी-कभी बहुत तेज़ हो सकती है
- दर्द या चुभन, विशेषकर छूने या दबाव पड़ने पर
- जोड़ों के पास होने पर त्वचा में कसाव और गति में रुकावट
- निशान का आकार घाव के आकार तक सीमित रहना
यह निशान आमतौर पर चोट लगने के कुछ हफ़्तों के भीतर दिखना शुरू होता है और अगले कुछ महीनों तक बढ़ सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे यह स्थिर होकर सपाट होने लगता है।
निदान
हाइपरट्रॉफिक स्कार का निदान अधिकतर शारीरिक जाँच से ही हो जाता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) या प्लास्टिक सर्जन निशान को देखकर, उसकी मोटाई, रंग, कठोरता और स्थान की जाँच करते हैं। चोट के इतिहास के बारे में भी पूछा जाता है। यदि निशान की प्रकृति स्पष्ट न हो या केलॉइड का संदेह हो, तो कभी-कभी बायोप्सी की सलाह दी जा सकती है।
उपचार के विकल्प
उपचार का चुनाव निशान के आकार, स्थान, उम्र और रोगी की ज़रूरत पर निर्भर करता है। अक्सर एक से अधिक तरीक़ों को मिलाकर इलाज किया जाता है।
1. सिलिकॉन जेल और सिलिकॉन शीट
यह पहली पंक्ति का और सबसे सुरक्षित उपचार माना जाता है। सिलिकॉन त्वचा में नमी बनाए रखता है और कोलेजन के अत्यधिक निर्माण को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसे रोज़ाना कई घंटे, आमतौर पर 12 से 24 घंटे, कम से कम 2 से 3 महीने तक लगाना होता है। घाव भरने के बाद जल्द से जल्द इसे शुरू करना बेहतर परिणाम देता है।
2. कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन
निशान के भीतर सीधे स्टेरॉइड का इंजेक्शन लगाया जाता है। इससे निशान की सूजन, खुजली और मोटाई कम होती है। यह इंजेक्शन आमतौर पर 4 से 6 हफ़्तों के अंतराल पर कई बार दिया जाता है। इसके दुष्प्रभावों में त्वचा का पतला होना, रंग हल्का पड़ना और नसें उभरना शामिल हो सकते हैं, इसलिए यह केवल विशेषज्ञ की निगरानी में होना चाहिए।
3. प्रेशर थेरेपी
विशेषकर जलने के निशानों में दबाव वाले कपड़े (प्रेशर गारमेंट) पहनाए जाते हैं। निरंतर दबाव निशान को चपटा करने में मदद करता है। इसे आमतौर पर दिन में 23 घंटे तक, कई महीनों तक पहनना पड़ता है।
4. लेज़र थेरेपी
पल्स्ड डाई लेज़र निशान की लालिमा और मोटाई कम करने में प्रभावी है। फ्रैक्शनल CO2 लेज़र निशान की बनावट सुधारने में मदद करता है। आमतौर पर कई सत्र आवश्यक होते हैं।
5. क्रायोथेरेपी
इसमें तरल नाइट्रोजन से निशान को जमाकर उसका आकार घटाया जाता है। यह छोटे निशानों के लिए अधिक उपयोगी है, हालाँकि इससे प्रभावित हिस्से का रंग हल्का पड़ सकता है।
6. सर्जरी
जब अन्य उपचार असफल हों या निशान बहुत बड़ा हो, तब सर्जरी द्वारा निशान को हटाया या उसकी बनावट सुधारी जा सकती है। इसमें यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सर्जरी स्वयं एक नया घाव है, इसलिए निशान दोबारा बन सकता है। इसी कारण सर्जरी के बाद अक्सर सिलिकॉन, इंजेक्शन या रेडिएशन जैसी सहायक चिकित्सा दी जाती है।
7. अन्य विकल्प
- 5-फ्लूरोयूरेसिल इंजेक्शन
- माइक्रोनीडलिंग
- कुछ मामलों में बोटुलिनम टॉक्सिन, जो घाव पर खिंचाव कम करता है
घरेलू देखभाल और सावधानियाँ
घरेलू उपाय चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं हैं, लेकिन सही देखभाल से निशान की स्थिति बेहतर हो सकती है:
- घाव को साफ़ रखें: संक्रमण से बचाव सबसे ज़रूरी है।
- घाव को नम रखें: पेट्रोलियम जेली या डॉक्टर द्वारा सुझाए मलहम से घाव सूखकर सख़्त नहीं होता।
- पपड़ी न नोचें: इससे घाव दोबारा खुलता है और निशान बिगड़ता है।
- धूप से बचाव करें: नए निशान पर धूप पड़ने से वह गहरा हो सकता है। SPF 30 या अधिक वाला सनस्क्रीन या कपड़े से ढकना उपयोगी है।
- हल्की मालिश: घाव पूरी तरह भरने के बाद डॉक्टर की सलाह से निशान की हल्की मालिश करने से कठोरता कम हो सकती है।
- धूम्रपान से परहेज़: यह घाव भरने की गति और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करता है।
- संतुलित आहार: प्रोटीन, विटामिन C और जिंक से भरपूर भोजन घाव भरने में सहायक होता है।
कुछ लोग प्याज़ के अर्क, एलोवेरा, शहद या विटामिन E तेल का उपयोग करते हैं। इनके प्रभाव पर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित या मिले-जुले हैं। कुछ लोगों में विटामिन E या अन्य पदार्थ एलर्जी भी पैदा कर सकते हैं, इसलिए इस्तेमाल से पहले त्वचा पर थोड़ी जगह पर परखना और विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
रोकथाम
हाइपरट्रॉफिक स्कार को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है:
- छोटी-सी चोट को भी तुरंत साफ़ करें और ढकें।
- गहरे घाव या कट के लिए समय पर चिकित्सक से टांके लगवाएँ।
- सर्जरी से पहले यदि आपको मोटे निशान बनने की प्रवृत्ति रही है, तो सर्जन को बताएँ।
- टांके हटने के बाद घाव पर सिलिकॉन शीट या जेल का उपयोग शुरू करें, यदि डॉक्टर सलाह दें।
- घाव पर खिंचाव कम करने के लिए चिकित्सकीय टेप का उपयोग करें।
- जलने के घावों का तुरंत और सही उपचार करवाएँ।
- अनावश्यक पियर्सिंग या टैटू से बचें, यदि आपकी त्वचा में निशान बनने की प्रवृत्ति है।
डॉक्टर से कब मिलें?
निम्न स्थितियों में विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें:
- निशान तेज़ी से बढ़ रहा हो
- तेज़ दर्द या असहनीय खुजली हो
- निशान के कारण जोड़ हिलाने-डुलाने में दिक़्क़त हो
- निशान चेहरे या दिखाई देने वाले स्थान पर हो और आपको परेशान करे
- घरेलू देखभाल से कई महीनों में कोई सुधार न दिखे
- निशान से रक्तस्राव, स्राव या संक्रमण के लक्षण दिखें
मानसिक प्रभाव
निशान केवल त्वचा तक सीमित समस्या नहीं है। कई लोग, विशेषकर युवा और बच्चे, दिखने वाले निशानों के कारण शर्मिंदगी, चिंता या आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं। यदि निशान के कारण आपका मन उदास रहता है या सामाजिक जीवन प्रभावित होता है, तो यह भी उतना ही ज़रूरी कारण है कि आप उपचार के बारे में विशेषज्ञ से बात करें। परिवार और मित्रों का सहयोग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निष्कर्ष
हाइपरट्रॉफिक स्कार त्वचा के घाव भरने की प्रक्रिया का एक अतिरंजित परिणाम है, जिसमें उभरा हुआ, लाल और कभी-कभी खुजलीदार निशान बनता है। यह केलॉइड से अलग है क्योंकि यह घाव की सीमा के भीतर रहता है और समय के साथ अक्सर स्वयं कुछ सुधर जाता है। फिर भी, इंतज़ार करने के बजाय शुरुआती देखभाल और उचित उपचार बेहतर परिणाम देते हैं।
सिलिकॉन शीट, स्टेरॉइड इंजेक्शन, लेज़र और प्रेशर थेरेपी जैसे आधुनिक उपचारों से अधिकांश मामलों में निशान की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार संभव है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घाव की शुरुआत से ही सही देखभाल करें, पपड़ी न नोचें, धूप से बचाएँ और ज़रूरत पड़ने पर योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ या प्लास्टिक सर्जन से सलाह लें। धैर्य और सही उपचार के साथ ऐसे निशानों को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी उपचार से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
