फिजियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन (Physiotherapy & Rehabilitation) | योग और पारंपरिक स्वास्थ्य (Yoga & Traditional Wellness)
ट्राइकोटिलोमेनिया: जब बाल नोचना आदत नहीं, एक मनोवैज्ञानिक विकार बन जाए
प्रस्तावना पढ़ाई का तनाव हो, किसी परीक्षा का इंतज़ार हो या बस टीवी देखते हुए खाली बैठे हों, बहुत से लोग अनजाने में अपने बालों से खेलने लगते हैं। कोई उन्हें उँगली पर लपेटता है, कोई खींचता है। ज़्यादातर लोगों के लिए यह मामूली आदत है। लेकिन कुछ लोगों में यह इच्छा इतनी तीव्र हो…
