मुनचौसेन सिंड्रोम: जब बीमार होना एक मानसिक ज़रूरत बन जाए
प्रस्तावना सोचिए, कोई व्यक्ति बार-बार अस्पताल पहुँचता है। उसे तेज़ पेट दर्द, सीने में जकड़न या बेहोशी की शिकायत होती है, पर जाँच में कुछ नहीं निकलता। डॉक्टर हैरान रहते हैं, परिवार परेशान रहता है, और मरीज़ एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल घूमता रहता है। कई बार पता चलता है कि उसने खुद ही लक्षण…
