रीनल ट्यूबलर एसिडोसिस: गुर्दे की एक कम पहचानी जाने वाली समस्या
परिचय हमारे शरीर में हर दिन भोजन के पाचन और कोशिकाओं के चयापचय (मेटाबॉलिज़्म) से अम्ल (एसिड) बनता रहता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खून का pH एक संकरी सीमा, यानी लगभग 7.35 से 7.45 के बीच रहना ज़रूरी है। इस संतुलन को बनाए रखने में फेफड़े और गुर्दे (किडनी) मिलकर काम करते…
