बैंक कर्मचारियों के लिए ‘माइक्रो-ब्रेक’ रूटीन: लगातार बैठे रहने के दर्द से छुटकारा पाने का आसान तरीका
प्रस्तावना सुबह नौ बजे कुर्सी पर बैठना और शाम पांच-छह बजे उठना — यह किसी भी बैंक कर्मचारी के लिए आम बात है। ग्राहकों की लाइन, कैश काउंटर, लोन फाइलें, कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार डेटा एंट्री — इन सबके बीच शरीर को हिलाने-डुलाने का समय ही नहीं मिलता। नतीजा यह होता है कि दिन खत्म…
