चेरी एंजियोमा (Cherry Angioma - त्वचा पर लाल रंग के छोटे मस्से)
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चेरी एंजियोमा: त्वचा पर लाल रंग के छोटे मस्सों की पूरी जानकारी

क्या आपने कभी अपने सीने, पेट, पीठ या बाहों पर चमकीले लाल रंग के छोटे-छोटे दाने देखे हैं, जो न दर्द करते हैं और न खुजली? बहुत से लोग इन्हें देखकर घबरा जाते हैं और सोचते हैं कि कहीं यह त्वचा का कैंसर या कोई गंभीर बीमारी तो नहीं। वास्तव में, ऐसे ज़्यादातर दाने चेरी एंजियोमा (Cherry Angioma) होते हैं। यह त्वचा की एक बेहद आम और हानिरहित स्थिति है। इस लेख में हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे।

चेरी एंजियोमा क्या है?

चेरी एंजियोमा त्वचा पर उभरने वाला एक सौम्य (benign) यानी कैंसर-रहित गाँठनुमा दाना है। यह रक्त की बहुत छोटी नलिकाओं (केशिकाओं) के समूह के असामान्य रूप से इकट्ठा हो जाने से बनता है। चूँकि इसके भीतर रक्त भरा होता है, इसलिए इसका रंग चेरी जैसा गहरा लाल दिखाई देता है। इसी कारण इसे चेरी एंजियोमा कहा जाता है।

इसे चिकित्सा भाषा में सेनाइल एंजियोमा (Senile Angioma) या कैम्पबेल डी मॉर्गन स्पॉट (Campbell de Morgan Spots) भी कहा जाता है। यह बहुत सामान्य है और अनुमान है कि 30 वर्ष की उम्र के बाद बड़ी संख्या में लोगों में कम से कम एक या अधिक चेरी एंजियोमा पाए जाते हैं।

यह कैसा दिखता है?

चेरी एंजियोमा की कुछ विशिष्ट पहचानें इस प्रकार हैं:

  • रंग: चमकीला लाल, गहरा लाल या कभी-कभी बैंगनी-नीला। पुराने दाने गहरे रंग के हो सकते हैं।
  • आकार: आमतौर पर पिन की नोक जितने छोटे (1 मिलीमीटर से भी कम) से लेकर 4-5 मिलीमीटर तक। कभी-कभी कुछ बड़े भी हो सकते हैं।
  • बनावट: चिकने, गोल या अंडाकार। कुछ सपाट होते हैं तो कुछ हल्के उभरे हुए गुंबद जैसे।
  • संख्या: कभी एक-दो, तो कभी दर्जनों। उम्र बढ़ने के साथ संख्या बढ़ सकती है।
  • दबाने पर: दबाने पर रंग थोड़ा हल्का पड़ सकता है और छोड़ने पर वापस आ जाता है।

शरीर के किन हिस्सों पर होता है?

यह शरीर के लगभग किसी भी हिस्से पर हो सकता है, लेकिन सबसे अधिक धड़ (छाती, पेट, पीठ), कंधों और बाहों पर दिखाई देता है। कई बार ये टाँगों और गर्दन पर भी पाए जाते हैं। हथेलियों और तलवों पर ये आम तौर पर नहीं होते।

चेरी एंजियोमा होने के कारण

चेरी एंजियोमा का सटीक कारण आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। फिर भी कुछ कारक इससे जुड़े माने जाते हैं:

  1. बढ़ती उम्र: यह सबसे बड़ा कारक है। 30-40 की उम्र के बाद इनके उभरने की संभावना बढ़ती जाती है और 60 वर्ष के बाद ये और आम हो जाते हैं।
  2. आनुवंशिकता: यदि परिवार में माता-पिता या भाई-बहनों को ये अधिक संख्या में हैं, तो आपको भी होने की संभावना बढ़ जाती है।
  3. गर्भावस्था और हार्मोनल बदलाव: कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में बदलाव के कारण नए एंजियोमा उभर सकते हैं।
  4. कुछ रसायनों का संपर्क: कुछ अध्ययनों में ब्यूटाडीन जैसे कुछ रसायनों और ब्रोमाइड्स के संपर्क को इससे जोड़ा गया है, हालाँकि यह बहुत कम मामलों से संबंधित है।
  5. कुछ दवाएँ या चिकित्सीय स्थितियाँ: कुछ मामलों में कुछ दवाओं या स्थितियों के साथ अचानक बड़ी संख्या में दाने उभरने की रिपोर्ट मिली है, लेकिन यह दुर्लभ है।

ध्यान रखें कि चेरी एंजियोमा किसी संक्रमण से नहीं होता, यह छूने से नहीं फैलता, और इसका कारण ख़राब खान-पान या साफ़-सफ़ाई की कमी नहीं है।

लक्षण

ज़्यादातर मामलों में चेरी एंजियोमा के कोई लक्षण नहीं होते। इसमें आम तौर पर न दर्द होता है, न जलन और न खुजली। इसकी एकमात्र चिंता प्रायः सौंदर्य से जुड़ी होती है। हाँ, यदि इसे खुरच दिया जाए, कपड़ों से रगड़ खाए या चोट लग जाए, तो इससे रक्तस्राव हो सकता है। चूँकि यह रक्त वाहिकाओं से बना होता है, इसलिए थोड़ी-सी चोट पर भी खून अच्छी तरह निकल सकता है और रुकने में कुछ समय लग सकता है।

क्या चेरी एंजियोमा ख़तरनाक है?

नहीं। चेरी एंजियोमा कैंसर नहीं है और न ही यह कैंसर में बदलता है। यह पूरी तरह हानिरहित है और इसके लिए इलाज की चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं होती। अधिकतर लोग इसे वैसे ही छोड़ देते हैं।

लेकिन हर लाल दाना चेरी एंजियोमा ही हो, यह ज़रूरी नहीं। कुछ अन्य स्थितियाँ भी लाल या गहरे रंग के दाने पैदा कर सकती हैं, जिनमें कुछ गंभीर भी हो सकती हैं। इसलिए सही पहचान ज़रूरी है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

निम्न स्थितियों में त्वचा रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) को अवश्य दिखाएँ:

  • दाना अचानक तेज़ी से बड़ा हो रहा हो या उसका आकार या रंग बदल रहा हो।
  • दाना असमान किनारों वाला हो, उसमें एक से अधिक रंग दिखें, या वह काला पड़ने लगे।
  • उसमें बार-बार बिना कारण खून निकल रहा हो या घाव जैसा बन जाए।
  • उसमें दर्द, खुजली या जलन हो।
  • कुछ ही समय में अचानक बहुत सारे नए दाने उभर आए हों।
  • आप निश्चित नहीं हैं कि वह चेरी एंजियोमा ही है।

त्वचा का मेलानोमा जैसा कैंसर कभी-कभी गहरे लाल, भूरे या काले दाने के रूप में दिख सकता है। इसीलिए संदेह होने पर स्वयं निर्णय लेने के बजाय जाँच कराना सुरक्षित है।

निदान कैसे होता है?

अधिकांश मामलों में डॉक्टर केवल त्वचा को देखकर ही चेरी एंजियोमा की पहचान कर लेते हैं। इसके लिए डर्मेटोस्कोप नाम के छोटे उपकरण का उपयोग किया जा सकता है, जो त्वचा को बड़ा करके दिखाता है। चेरी एंजियोमा में विशेष प्रकार की लाल-बैंगनी गोल संरचनाएँ दिखती हैं। यदि दाने का स्वरूप असामान्य लगे, तो डॉक्टर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं, जिसमें एक छोटा नमूना लेकर प्रयोगशाला में जाँचा जाता है।

इलाज के विकल्प

चूँकि यह हानिरहित है, इसलिए इलाज प्रायः केवल तभी कराया जाता है जब दाना सौंदर्य की दृष्टि से परेशान करे, बार-बार रगड़ खाकर खून निकले, या कपड़ों और गहनों में अटकता हो। इसके सामान्य उपचार ये हैं:

1. इलेक्ट्रोसर्जरी या इलेक्ट्रोकॉटरी: इसमें बिजली की धारा से उत्पन्न गर्मी द्वारा दाने को जला दिया जाता है। यह तेज़ और प्रभावी तरीका है। लगभग हर बार स्थानीय सुन्न करने की दवा की ज़रूरत पड़ती है।

2. लेज़र उपचार: पल्स्ड डाई लेज़र जैसी तकनीकें रक्त वाहिकाओं को लक्ष्य बनाकर उन्हें नष्ट कर देती हैं। इसमें निशान बनने की संभावना कम होती है और यह छोटे दानों के लिए बहुत उपयुक्त है।

3. क्रायोथेरेपी: इसमें तरल नाइट्रोजन से दाने को जमाकर हटाया जाता है। हालाँकि कुछ मामलों में इससे त्वचा के रंग में हल्का बदलाव आ सकता है।

4. शेव एक्सीजन: बड़े और उभरे हुए दानों को डॉक्टर ब्लेड से सतह के स्तर पर काटकर निकाल सकते हैं। इसके बाद आमतौर पर रक्तस्राव रोकने के लिए कॉटरी की जाती है।

इन सभी प्रक्रियाओं में कुछ अस्थायी लालिमा, छाले, पपड़ी या हल्के निशान की संभावना रहती है। कई बार हटाए गए स्थान पर समय के साथ नया दाना भी उभर सकता है, क्योंकि प्रवृत्ति बनी रहती है।

घर पर इलाज की कोशिश क्यों नहीं करनी चाहिए?

इंटरनेट पर इसे हटाने के कई घरेलू नुस्खे बताए जाते हैं, जैसे सेब का सिरका लगाना, लहसुन का रस, या धागे से बाँध देना। इन तरीकों से बचना चाहिए, क्योंकि:

  • रक्त वाहिकाओं से बना होने के कारण इसे खुरचने या काटने पर अधिक रक्तस्राव हो सकता है।
  • संक्रमण का ख़तरा रहता है।
  • त्वचा जल सकती है या स्थायी निशान रह सकता है।
  • सबसे बड़ी बात, यदि वह दाना वास्तव में चेरी एंजियोमा न होकर कुछ और हो, तो गलत पहचान से देरी हो सकती है।

बाज़ार में मिलने वाली मस्सा हटाने वाली क्रीम या एसिड भी बिना सलाह के न लगाएँ।

देखभाल और सावधानियाँ

  • दाने को बार-बार छूने, खुजलाने या खींचने से बचें।
  • यदि दाना कपड़े या ब्रा की पट्टी से रगड़ खाता है और खून निकलता है, तो साफ़ कपड़े से कुछ मिनट दबाकर रखें और डॉक्टर से हटवाने पर विचार करें।
  • हर महीने अपनी त्वचा की जाँच करें। नए या बदलते दानों पर ध्यान दें।
  • धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का प्रयोग करें, जो त्वचा के समग्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

क्या इसे रोका जा सकता है?

चूँकि इसके मुख्य कारण उम्र और आनुवंशिकता हैं, इसलिए चेरी एंजियोमा को पूरी तरह रोकने का कोई सिद्ध तरीका नहीं है। यह उम्र के साथ होने वाला स्वाभाविक परिवर्तन है। इसलिए इसके बारे में चिंता करने के बजाय सही जानकारी रखना और ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना ही बेहतर है।

आम भ्रांतियाँ

भ्रांति 1: यह लिवर की ख़राबी या ख़ून की कमी का संकेत है। सच्चाई: सामान्य चेरी एंजियोमा का आमतौर पर इन समस्याओं से कोई संबंध नहीं होता।

भ्रांति 2: यह छूने से दूसरों में फैलता है। सच्चाई: यह संक्रामक नहीं है।

भ्रांति 3: यह आगे चलकर कैंसर बन जाएगा। सच्चाई: चेरी एंजियोमा के कैंसर में बदलने का कोई प्रमाण नहीं है।

भ्रांति 4: इन्हें हटाना ज़रूरी है। सच्चाई: जब तक यह परेशान न करे, इसे हटाने की आवश्यकता नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या चेरी एंजियोमा अपने आप गायब हो जाता है? आमतौर पर नहीं। ये दाने प्रायः जीवन भर बने रहते हैं और समय के साथ बढ़ भी सकते हैं।

क्या यह बच्चों में हो सकता है? यह बहुत कम होता है। बच्चों में लाल दाने अन्य प्रकार के रक्तवाहिका संबंधी दाने हो सकते हैं, इसलिए बाल रोग या त्वचा विशेषज्ञ से जाँच कराएँ।

हटवाने के बाद क्या दोबारा आ सकता है? उसी जगह दोबारा आने की संभावना कम है, पर शरीर पर नए चेरी एंजियोमा उभर सकते हैं।

निष्कर्ष

चेरी एंजियोमा त्वचा पर दिखने वाले लाल रंग के छोटे दाने हैं, जो रक्त वाहिकाओं के समूह से बनते हैं। ये बहुत आम हैं, उम्र के साथ बढ़ते हैं और लगभग हमेशा हानिरहित होते हैं। इन्हें कैंसर समझकर डरने की ज़रूरत नहीं है। यदि दाना सौंदर्य की दृष्टि से अखरता है या बार-बार रक्तस्राव करता है, तो लेज़र, इलेक्ट्रोकॉटरी जैसे सुरक्षित तरीकों से योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ इसे हटा सकते हैं। परंतु यदि किसी दाने का आकार, रंग या रूप अचानक बदलने लगे, तो देरी न करें और तुरंत जाँच कराएँ।

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