एफ्थस अल्सर (मुंह के छाले): कारण, लक्षण, उपचार और बचाव
परिचय
मुंह के छाले लगभग हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी होते हैं। चिकित्सा भाषा में इन्हें एफ्थस अल्सर (Aphthous Ulcer) या कैंकर सोर (Canker Sore) कहा जाता है। ये मुंह के अंदर होने वाले छोटे, दर्दनाक घाव हैं, जो आमतौर पर गाल के अंदर, होंठ के भीतर, जीभ पर या मसूड़ों के आसपास निकलते हैं। छाले खाने-पीने और बोलने में परेशानी पैदा करते हैं, लेकिन ज़्यादातर मामलों में ये खतरनाक नहीं होते और एक से दो हफ्ते में अपने आप ठीक हो जाते हैं।
एक ज़रूरी बात: एफ्थस अल्सर संक्रामक नहीं होते। ये एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते, और इन्हें ज्वर के छालों (cold sores) से अलग समझना चाहिए। cold sores हर्पीज़ वायरस से होते हैं, होंठ के बाहर निकलते हैं और संक्रामक होते हैं।
एफ्थस अल्सर क्या हैं?
ये मुंह की भीतरी नम त्वचा (म्यूकोसा) पर बनने वाले गोल या अंडाकार घाव हैं। इनका केंद्र सफेद या पीला होता है और किनारे लाल व सूजे हुए। ये मुंह के उन हिस्सों में होते हैं जहाँ त्वचा नरम और चलायमान होती है। मसूड़ों के पास और तालु (palate) जैसी सख्त जगहों पर ये कम होते हैं।
एफ्थस अल्सर के प्रकार
1. माइनर एफ्थस अल्सर (Minor): सबसे आम प्रकार, लगभग 80 से 85 प्रतिशत मामले। इनका आकार 10 मिलीमीटर से छोटा होता है। ये 7 से 14 दिन में बिना निशान छोड़े ठीक हो जाते हैं।
2. मेजर एफ्थस अल्सर (Major): ये बड़े (10 मिमी से अधिक) और गहरे होते हैं, और बहुत दर्दनाक होते हैं। इन्हें ठीक होने में दो से छह सप्ताह लग सकते हैं और कभी-कभी निशान रह जाता है।
3. हर्पेटिफॉर्म अल्सर (Herpetiform): यह दुर्लभ प्रकार है। इसमें पिन की नोक जितने छोटे दस से सौ तक छाले समूह में निकलते हैं और आपस में मिलकर बड़ा घाव बना सकते हैं। नाम के बावजूद इसका हर्पीज़ वायरस से कोई संबंध नहीं है।
मुख्य कारण
एफ्थस अल्सर का सटीक कारण आज भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई कारक इन्हें ट्रिगर करते हैं:
- छोटी चोट: गाल या जीभ का दाँतों से कट जाना, ज़ोर से ब्रश करना, दंत उपचार या ब्रेसेस की रगड़।
- पोषक तत्वों की कमी: विटामिन B12, आयरन, फोलिक एसिड और ज़िंक की कमी छालों का आम कारण है।
- तनाव और नींद की कमी: मानसिक तनाव और थकान से बार-बार छाले उभर सकते हैं।
- हार्मोनल बदलाव: कुछ महिलाओं में मासिक धर्म के समय छाले होते हैं।
- खाद्य पदार्थ: बहुत खट्टे फल (नींबू, संतरा, अनानास), टमाटर, तीखे-मसालेदार भोजन, चॉकलेट, कॉफी, मेवे या कुछ लोगों में ग्लूटेन से छाले भड़क सकते हैं।
- टूथपेस्ट: सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) वाले टूथपेस्ट कुछ लोगों में छाले बढ़ाते हैं।
- आनुवंशिकता: परिवार में छालों का इतिहास होने पर संभावना बढ़ जाती है।
- पेट और आंत की समस्याएँ: कब्ज़, अपच, सीलिएक रोग या इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ से भी इनका संबंध देखा गया है।
- कमज़ोर प्रतिरक्षा तंत्र: इम्यूनिटी में गड़बड़ी इनका एक कारण मानी जाती है।
- कुछ दवाएँ: जैसे कुछ दर्द निवारक और अन्य दवाएँ।
लक्षण
छाला निकलने से पहले आमतौर पर एक-दो दिन तक उस जगह जलन, झुनझुनी या चुभन महसूस होती है। फिर नीचे लिखे लक्षण दिखते हैं:
- मुंह में एक या अधिक गोल घाव, जिनके बीच में सफेद-पीली परत और चारों ओर लाल घेरा हो
- खाने, पीने और बोलने में तेज़ दर्द या जलन
- नमकीन, खट्टे या मसालेदार भोजन से दर्द का बढ़ना
- कभी-कभी हल्का बुखार, थकान या गर्दन की ग्रंथियों में सूजन (मुख्यतः बड़े छालों में)
दर्द आमतौर पर पहले तीन से चार दिन सबसे ज़्यादा होता है और फिर धीरे-धीरे कम होने लगता है।
निदान
आमतौर पर डॉक्टर या दंत चिकित्सक केवल जाँच और लक्षणों के आधार पर निदान कर लेते हैं। यदि छाले बार-बार निकलते हों या बहुत गंभीर हों, तो खून की जाँच (B12, आयरन, फोलेट, ज़िंक, सीलिएक रोग आदि) कराई जा सकती है। जो छाला लंबे समय तक ठीक न हो, उसमें बायोप्सी की ज़रूरत पड़ सकती है ताकि अन्य गंभीर कारणों को ठुकराया जा सके।
उपचार
अधिकांश छाले बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं, पर उपचार से दर्द कम होता है और उपचार की गति बढ़ती है।
चिकित्सकीय उपाय
- सामयिक जेल या पेस्ट: लिडोकेन जेल दर्द कम करता है। कोलीन सैलिसिलेट जेल और कॉर्टिकोस्टेरॉइड पेस्ट (जैसे ट्रायम्सिनोलोन) सूजन घटाते हैं और डॉक्टर की सलाह पर इस्तेमाल करने चाहिए।
- एंटीसेप्टिक माउथवॉश: क्लोरहेक्सिडीन माउथवॉश संक्रमण से बचाता है और ठीक होने में मदद करता है।
- विटामिन सप्लीमेंट: जाँच में कमी पाई जाए, तो डॉक्टर B12, आयरन, फोलिक एसिड या ज़िंक देते हैं।
- गंभीर मामलों में: डॉक्टर ज़रूरत पड़ने पर मुंह से ली जाने वाली दवाएँ लिख सकते हैं।
घरेलू उपाय
- नमक के गुनगुने पानी से कुल्ला: आधा चम्मच नमक एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करें। इससे सफाई होती है और आराम मिलता है।
- बेकिंग सोडा: एक गिलास पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाकर कुल्ला करने से मुंह की अम्लीयता कम होती है।
- शहद: छाले पर थोड़ा शहद लगाने से आराम मिल सकता है।
- नारियल तेल: हल्के हाथ से लगाने से जलन में राहत मिलती है।
- ठंडी सिकाई: बर्फ का छोटा टुकड़ा मुंह में रखने से दर्द और सूजन कम होती है।
- दही और छाछ: ठंडक पहुँचाते हैं और पेट को भी ठीक रखते हैं।
- सौंफ और इलायची: पाचन सुधारने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोगी माने जाते हैं।
ध्यान रहे, घरेलू उपायों के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। ये आराम देते हैं, पर डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं हैं। फिटकरी या कोई भी तेज़ पदार्थ सीधे छाले पर लगाने से बचें, इससे जलन बढ़ सकती है।
आहार संबंधी सुझाव
छाला होने पर नरम, ठंडा और सादा भोजन लें, जैसे दलिया, खिचड़ी, दही, केला, उबली सब्ज़ियाँ और सूप। बहुत गर्म, तीखे, खट्टे और कुरकुरे (चिप्स, नमकीन) पदार्थों से परहेज़ करें। पानी खूब पिएँ। यदि पीने में दर्द हो, तो स्ट्रॉ का उपयोग करें ताकि घाव को छुए बिना पेय अंदर जा सके।
बचाव के उपाय
यदि छाले बार-बार होते हैं, तो ये उपाय मददगार हो सकते हैं:
- मुंह की चोट से बचें: धीरे-धीरे चबाएँ, नरम ब्रिसल वाला टूथब्रश इस्तेमाल करें।
- SLS-मुक्त टूथपेस्ट आज़माएँ।
- संतुलित आहार लें: हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, दालें, दूध-दही, अंडे और फल शामिल करें ताकि B12, आयरन और फोलेट की कमी न हो।
- ट्रिगर पहचानें: एक डायरी में लिखें कि किस भोजन के बाद छाले उभरे और उन्हें टालें।
- तनाव घटाएँ: योग, प्राणायाम, ध्यान और पर्याप्त नींद लें।
- मुंह की स्वच्छता रखें: दिन में दो बार ब्रश करें और नियमित रूप से दंत जाँच कराएँ।
- दाँतों के नुकीले किनारे या खराब फिटिंग वाले डेंचर/ब्रेसेस ठीक करवाएँ।
- कब्ज़ और पाचन समस्याओं का इलाज कराएँ।
डॉक्टर से कब मिलें?
अधिकांश छाले चिंता का विषय नहीं होते, पर निम्न स्थितियों में चिकित्सक से ज़रूर मिलें:
- छाला तीन सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो
- छाले असामान्य रूप से बड़े हों या बहुत अधिक संख्या में निकलें
- छाले बार-बार, जल्दी-जल्दी होते हों
- तेज़ बुखार, गले में दर्द, त्वचा पर चकत्ते या जोड़ों में दर्द साथ हो
- दर्द इतना हो कि खाना-पीना या पानी पीना मुश्किल हो जाए
- छाला होंठ के बाहर तक फैल जाए
- घाव सख्त, उभरा हुआ हो या उसमें से खून आए, क्योंकि ऐसे में मुंह के कैंसर जैसी अन्य स्थितियों की जाँच ज़रूरी है
- तंबाकू, गुटखा या शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति में कोई भी घाव लंबे समय तक बना रहे
सामान्य भ्रांतियाँ
भ्रांति: छाले पेट की गर्मी से होते हैं।
सच्चाई: “गर्मी” कोई चिकित्सीय कारण नहीं है। पोषण की कमी, तनाव और पाचन संबंधी समस्याएँ इसकी वजहें हो सकती हैं।
भ्रांति: छाले एक-दूसरे को छूने या साथ खाने से फैलते हैं।
सच्चाई: एफ्थस अल्सर संक्रामक नहीं हैं।
भ्रांति: छाले हमेशा कैंसर का संकेत हैं।
सच्चाई: अधिकांश छाले हानिरहित हैं। केवल जो लंबे समय तक ठीक न हों, उनकी जाँच करानी चाहिए।
निष्कर्ष
एफ्थस अल्सर आम, दर्दनाक पर आमतौर पर हानिरहित समस्या है। संतुलित आहार, मुंह की सही देखभाल, तनाव प्रबंधन और ट्रिगर वाले पदार्थों से दूरी बनाकर इन्हें काफी हद तक रोका जा सकता है। छाला हो जाए तो नमक के पानी से कुल्ला, नरम और ठंडा भोजन और ज़रूरत पड़ने पर जेल या माउथवॉश से राहत मिलती है। यदि छाले लंबे समय तक रहें, बार-बार लौटें या असामान्य लगें, तो देर किए बिना डॉक्टर या दंत चिकित्सक से सलाह लें।
