इओसिनोफिलिक एसोफेगाइटिस (भोजन नली की एलर्जी): कारण, लक्षण, जाँच और इलाज
परिचय
क्या आपको कभी खाना निगलते समय ऐसा लगा है कि निवाला गले या सीने में अटक गया है? अगर यह बार-बार होता है, तो इसे केवल एसिडिटी या आदत मानकर टालना ठीक नहीं। इसके पीछे इओसिनोफिलिक एसोफेगाइटिस (Eosinophilic Esophagitis, संक्षेप में EoE) नाम की स्थिति भी हो सकती है।
यह भोजन नली की एक दीर्घकालिक (क्रॉनिक) एलर्जी-जनित सूजन है। पिछले दो-तीन दशकों में इसके मामले दुनियाभर में बढ़े हैं। पहले इसे दुर्लभ माना जाता था, पर अब जागरूकता और जाँच की सुविधा बढ़ने से यह अधिक पहचानी जाने लगी है।
इओसिनोफिलिक एसोफेगाइटिस क्या है?
भोजन नली (एसोफेगस) एक मांसपेशीय नली है, जो मुँह से निगले गए भोजन को पेट तक पहुँचाती है। इओसिनोफिल सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) का एक प्रकार है, जो सामान्यतः एलर्जी और परजीवी संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। स्वस्थ व्यक्ति की भोजन नली की परत में ये कोशिकाएँ लगभग नहीं होतीं।
EoE में किसी खाद्य पदार्थ या पर्यावरणीय एलर्जन के जवाब में इओसिनोफिल बड़ी संख्या में भोजन नली की परत में जमा हो जाते हैं। इससे नली में सूजन आती है, परत मोटी होती है और लंबे समय तक सूजन रहने पर नली सिकुड़ने लगती है। परिणामस्वरूप भोजन निगलने में कठिनाई होती है।
यह संक्रामक बीमारी नहीं है, यानी एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलती। यह बच्चों से लेकर वयस्कों तक किसी को भी हो सकती है, पर 20 से 40 वर्ष के पुरुषों में अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है।
इसके कारण क्या हैं?
EoE का सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, पर इसे प्रतिरक्षा तंत्र की अतिप्रतिक्रिया माना जाता है। इसके प्रमुख कारक ये हैं:
1. खाद्य एलर्जी: सबसे आम कारण। दूध और डेयरी उत्पाद, गेहूँ, अंडा, सोया, मूँगफली व अन्य मेवे, और मछली व शेलफिश आम ट्रिगर हैं। इनमें दूध और गेहूँ सबसे अधिक पाए जाते हैं।
2. पर्यावरणीय एलर्जन: धूल के कण, परागकण और फफूँद भी सूजन को बढ़ा सकते हैं।
3. पारिवारिक इतिहास: परिवार में EoE या अन्य एलर्जी रोग होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
4. अन्य एलर्जिक स्थितियाँ: अस्थमा, एटोपिक डर्मेटाइटिस (एक्ज़िमा), एलर्जिक राइनाइटिस और खाद्य एलर्जी वाले लोगों में EoE अधिक देखा जाता है।
5. अन्य संभावित कारक: कुछ अध्ययनों में बचपन में एंटीबायोटिक या एसिड-सप्रेसेंट दवाओं का उपयोग और पेट के बैक्टीरिया का असंतुलन भी संभावित जोखिम माने गए हैं, हालाँकि इन पर शोध जारी है।
लक्षण
EoE के लक्षण उम्र के अनुसार अलग-अलग दिखते हैं।
वयस्कों और किशोरों में:
- निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया), खासकर रोटी, मांस जैसे ठोस भोजन के साथ
- भोजन का नली में अटक जाना (फूड इम्पैक्शन), जो आपात स्थिति बन सकती है
- सीने में जलन, जो एंटासिड से ठीक नहीं होती
- सीने या ऊपरी पेट में दर्द
- खाना निगलने के बाद वापस मुँह में आ जाना (रेगर्जिटेशन)
बच्चों और शिशुओं में:
- खाना खाने में आनाकानी या खाने से इनकार
- बार-बार उल्टी होना
- पेट दर्द
- वज़न न बढ़ना और विकास में देरी
- बच्चों का खाना बहुत धीरे चबाना या हर कौर के साथ पानी पीना
कई वयस्क मरीज़ अनजाने में अपनी आदतें बदल लेते हैं। वे खाना बहुत छोटे टुकड़ों में काटते हैं, बहुत देर तक चबाते हैं या हर निवाले के साथ पानी पीते हैं। इस वजह से बीमारी वर्षों तक पकड़ में नहीं आती।
GERD से अंतर
EoE के लक्षण गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिज़ीज़ (GERD) से काफ़ी मिलते हैं, इसलिए अक्सर दोनों में भ्रम हो जाता है। GERD में पेट का अम्ल भोजन नली में ऊपर आता है और सामान्यतः एसिड कम करने वाली दवाओं (जैसे PPI) से राहत मिलती है। EoE में मूल समस्या एलर्जी-जनित इओसिनोफिलिक सूजन है। हालाँकि कुछ मरीज़ों में दोनों स्थितियाँ साथ हो सकती हैं, इसलिए सही निदान ज़रूरी है।
जटिलताएँ
समय पर इलाज न होने पर EoE गंभीर रूप ले सकती है:
- भोजन नली का सिकुड़ना (स्ट्रिक्चर): लगातार सूजन से नली में फाइब्रोसिस (कड़ापन) आ जाता है।
- फूड इम्पैक्शन: भोजन का टुकड़ा नली में फँस जाता है। इसमें एंडोस्कोपी से तुरंत निकालना पड़ सकता है।
- नली में छिद्र (परफोरेशन): दुर्लभ, पर गंभीर जटिलता।
- कुपोषण: खासकर बच्चों में, खाने से परहेज़ के कारण।
- जीवन की गुणवत्ता पर असर: सामाजिक भोज या बाहर खाने से कतराना, चिंता और तनाव।
निदान कैसे होता है?
EoE की पुष्टि केवल लक्षणों से नहीं होती। इसके लिए आमतौर पर ये जाँचें की जाती हैं:
1. ऊपरी GI एंडोस्कोपी: डॉक्टर कैमरे वाली पतली नली से भोजन नली को देखते हैं। इसमें सफेद धब्बे, गोलाकार छल्ले, लंबवत धारियाँ या परत में सूजन और संकुचन दिख सकता है। कभी-कभी नली सामान्य भी दिख सकती है।
2. बायोप्सी: निदान की सबसे महत्वपूर्ण जाँच। नली के अलग-अलग हिस्सों से ऊतक के छोटे नमूने लेकर माइक्रोस्कोप में देखे जाते हैं। प्रति हाई-पावर फील्ड में 15 या उससे अधिक इओसिनोफिल मिलना EoE की पुष्टि करता है।
3. अन्य जाँचें: रक्त परीक्षण, एलर्जी टेस्ट, और कभी-कभी बेरियम स्वैलो एक्स-रे। ध्यान रहे कि एलर्जी टेस्ट हमेशा सटीक रूप से ट्रिगर फ़ूड नहीं बताते, इसलिए आहार संबंधी निर्णय डॉक्टर या डायटीशियन की देखरेख में ही लें।
इलाज
EoE का इलाज सूजन कम करने, लक्षणों से राहत देने और जटिलताओं से बचाव पर केंद्रित होता है। आमतौर पर तीन तरीके अपनाए जाते हैं, जिन्हें “थ्री डी” भी कहा जाता है: Drugs (दवाएँ), Diet (आहार) और Dilation (नली को फैलाना)।
1. दवाएँ
- प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (PPI): कुछ मरीज़ों में सूजन कम करते हैं और अक्सर पहली पंक्ति के उपचार के रूप में आज़माए जाते हैं।
- टॉपिकल स्टेरॉयड: फ्लूटिकैसोन या बुडेसोनाइड जैसी दवाएँ निगली जाती हैं, ताकि वे सीधे भोजन नली की परत पर असर करें। ये इनहेलर की तरह साँस में नहीं ली जातीं, बल्कि निगली जाती हैं। इनके लंबे उपयोग से मुँह या गले में फफूँद संक्रमण (कैंडिडा) हो सकता है।
- बायोलॉजिक दवा: डूपिलुमैब (Dupilumab) एक इंजेक्शन से दी जाने वाली दवा है, जो एलर्जिक सूजन के रास्ते को निशाना बनाती है। यह चुनिंदा मरीज़ों में विशेषज्ञ की सलाह पर दी जाती है।
2. आहार चिकित्सा
- एलिमिनेशन डाइट: सबसे आम ट्रिगर वाले खाद्य पदार्थ (जैसे दूध, गेहूँ, अंडा, सोया) कुछ हफ़्तों के लिए हटाए जाते हैं। फिर एक-एक करके उन्हें वापस जोड़कर देखा जाता है कि किससे लक्षण लौटते हैं, और हर चरण में एंडोस्कोपी से जाँच होती है।
- एलिमेंटल डाइट: इसमें केवल अमीनो एसिड-आधारित विशेष फ़ॉर्मूला दिया जाता है। यह प्रभावी है, पर कठिन और महँगा होने के कारण मुख्यतः बच्चों या गंभीर मामलों में अपनाई जाती है।
भारतीय संदर्भ में गेहूँ और दूध हमारे दैनिक भोजन का बड़ा हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें हटाने पर पोषण का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। किसी योग्य डायटीशियन से योजना बनवाएँ।
3. नली को फैलाना (एसोफेजियल डाइलेशन)
अगर नली सिकुड़ गई हो, तो एंडोस्कोपी के दौरान गुब्बारे या विशेष उपकरण से उसे धीरे-धीरे चौड़ा किया जाता है। इससे निगलने में राहत मिलती है, पर यह सूजन का इलाज नहीं है, इसलिए दवा या आहार साथ में जारी रखना पड़ता है।
जीवनशैली और देखभाल के सुझाव
- खाना छोटे कौर में लें और अच्छी तरह चबाएँ।
- भोजन के दौरान आराम से और धीरे खाएँ, जल्दबाज़ी न करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कोई खाद्य पदार्थ स्थायी रूप से बंद न करें, खासकर बच्चों में।
- धूल, परागकण जैसे एलर्जन से बचाव के उपाय अपनाएँ।
- नियमित फॉलो-अप कराएँ, क्योंकि लक्षण ठीक होने पर भी भीतर सूजन बनी रह सकती है।
- अगर भोजन नली में अटक जाए और आप साँस लेने या थूक निगलने में असमर्थ हों, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा लें।
कब डॉक्टर से मिलें?
- निगलने में कठिनाई हफ़्तों से बनी हो या बार-बार हो
- खाना बार-बार अटकता हो
- एसिडिटी की दवाओं से सीने की जलन ठीक न हो
- बच्चे का वज़न न बढ़ रहा हो या वह खाने से बचता हो
ऐसी स्थिति में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह लेना उचित है।
क्या EoE पूरी तरह ठीक हो सकती है?
EoE एक दीर्घकालिक स्थिति है। इसे नियंत्रित किया जा सकता है, पर आमतौर पर पूरी तरह समाप्त नहीं होती। इलाज बंद करने पर सूजन और लक्षण अक्सर लौट आते हैं। इसलिए इसे मधुमेह या अस्थमा की तरह लंबे समय तक प्रबंधित की जाने वाली स्थिति मानना चाहिए। सही निदान, उपयुक्त इलाज और नियमित निगरानी से अधिकांश मरीज़ सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
निष्कर्ष
इओसिनोफिलिक एसोफेगाइटिस भोजन नली की एलर्जी-जनित बीमारी है, जिसे अक्सर एसिडिटी या GERD समझ लिया जाता है। बार-बार निगलने में दिक्कत, भोजन अटकना और सीने में लगातार जलन को हल्के में न लें। समय पर एंडोस्कोपी और बायोप्सी से निदान हो जाए, तो दवा, आहार और ज़रूरत पड़ने पर नली के फैलाव से जटिलताओं को रोका जा सकता है। जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सलाह ही इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा रास्ता है।
